पटना: बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के दृढ़ संकल्प के साथ, माननीय उप मुख्यमंत्री सह विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी ने सोमवार को विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में उप मुख्यमंत्री ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न विकास योजनाओं, आधारभूत संरचना, शिक्षकों की नियुक्ति, तारामंडल एवं साइंस सिटी की प्रगति तथा नवाचार से जुड़ी गतिविधियों की बिंदुवार और गहन समीक्षा की।
एक्रेडिटेशन और शिक्षा की गुणवत्ता पर ‘मिशन मोड’ में कार्य
राज्य के अभियंत्रण (इंजीनियरिंग) महाविद्यालयों की रैंकिंग पर विशेष बल देते हुए माननीय उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि विभिन्न संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर शिक्षा और आधारभूत संरचनाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार लाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि NBA जैसी संस्थाओं से एक्रेडिटेशन (मान्यता) प्राप्त करने की दिशा में ‘मिशन मोड’ में काम हो। विभाग अंतर्गत सभी राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय एवं राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान अनिवार्य रूप से NBA एक्रेडिटेशन हेतु Pre-qualifier का प्रपत्र भरें ।
तकनीकी संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने के लिए एनबीए (NBA) एक्रेडिटेशन की एक विस्तृत प्रक्रिया निर्धारित की गई है। इसके अंतर्गत आवेदन करने वाले संस्थानों को सर्वप्रथम ‘प्री-क्वालीफ़ायर’ (Pre-Qualifier) चरण से गुजरना होता है। इसके उपरांत, संस्थानों को ई-एनबीए (e-NBA) पोर्टल पर अपनी विस्तृत ‘सेल्फ अप्रैज़ल रिपोर्ट’ (SAR) भरनी होती है। इस रिपोर्ट और डेटा के उपरांत नेशनल बोर्ड ऑफ़ एक्रेडिटेशन (एनबीए) की इवैल्यूएशन कमिटी द्वारा संस्थानों का स्थलीय निरीक्षण किया जाता है । एनबीए द्वारा डिटेल्स को इंटरनेशनल एजेंसी में सबमिट किया जाता है, जिससे संस्थानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल सके।माननीय उपमुख्य मंत्री द्वारा निदेश दिया गया की एक्रेडिटेशन के कार्यों में गति देने के लिए विभाग स्तर पर एक डेडिकेटेड सेल का गठन करते हुए नोडल पदाधिकारी नमित किया जाय
सभी अभियंत्रण महाविद्यालय एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों में बेहतर प्लेसमेंट पर बल
माननीय उप मुख्यमंत्री ने बल दिया गया की सभी राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों में प्लेसमेंट के अवसर समान रूप से सृजित किया जाए । साथ ही प्लेसमेंट के लिए विभिन संस्थानों के बीच एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित किया जाय । उन्होंने इन संस्थाओं को एक ‘कंसिस्टेंट एप्रोच’ के साथ काम करने की सलाह दी।
तारामंडल में नवाचार और वैज्ञानिक जागरूकता
विज्ञान और तकनीकी खोजों को आम जनमानस तक पहुंचाने के उद्देश्य से, माननीय उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि विभाग अन्तर्गत बिहार इंस्टिट्यूट ऑफ़ रिमोट सेंसिंग एंड एप्लीकेशन सेंटर (BIRSAC) द्वारा नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ रिमोट सेंसिंग सेंटर, हैदराबाद से आवश्यक समन्वय स्थापित कर ‘नाइट स्काई एटलस’ जैसी नवीनतम तकनीक राज्य के विकासात्मक कार्यों के लिए उपयोग किया जाय ।
‘यंग प्रोफेशनल्स’ की होगी नियुक्ति
बैठक में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के मानसिक और समग्र विकास पर भी गंभीरता से चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों की बेहतर देखभाल सुनिश्चित की जाए और उनके अभिभावकों द्वारा प्राप्त महत्वपूर्ण सुझावों पर विभाग तत्परता से कार्य करे। समीक्षा के क्रम में, विभाग के निदेशक श्री अहमद महमूद ने जानकारी दी कि विभाग शैक्षणिक संस्थानों की कार्यक्षमता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए ‘यंग प्रोफेशनल्स’ की नियुक्ति की दिशा में कार्य कर रहा है।
इस समीक्षा बैठक के दौरान विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी (संयुक्त सचिव) श्री संजय कुमार, संयुक्त सचिव श्री कुमार सिद्धार्थ, संयुक्त निदेशक श्री मंजीत कुमार, सचिव स्टेट बोर्ड ऑफ़ टेक्निकल एजुकेशन (SBTE) श्री चंद्रशेखर सिंह, परियोजना निदेशक, बिहार काउंसिल ऑन साइंस एंड टेक्नोलॉजी (BCST) श्री अनंत कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी, मोनिका ठाकुर सहित अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे






