सारण (बिहार), 31 जुलाई — बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में नकल कराने वाले एक संगठित गिरोह का सारण पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में एक सिपाही, दो होमगार्ड जवान, दो अभ्यर्थी समेत कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
परीक्षा केंद्र पर सघन जांच में खुलासा
मुफस्सिल थाना क्षेत्र के आदर्श जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नैनी परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के दौरान सघन फ्रिस्किंग में दो अभ्यर्थियों के पास से संदिग्ध ब्लूटूथ डिवाइस बरामद हुआ। गिरफ्तार अभ्यर्थियों की पहचान वैशाली के विश्वजीत कुमार शर्मा और भोजपुर के अमित कुमार के रूप में हुई है।
वॉकी-टॉकी से बाहर से मिल रहा था हल
पूछताछ में दोनों अभ्यर्थियों ने खुलासा किया कि परीक्षा केंद्र के बाहर मौजूद उनके सहयोगी वॉकी-टॉकी के जरिए प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध कराने वाले थे। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए केंद्र के बाहर घेराबंदी की।
छह अन्य सहयोगी भी दबोचे गए
अभ्यर्थियों की निशानदेही पर पुलिस ने छह अन्य आरोपितों को गिरफ्तार किया। इनके पास से एक ब्लूटूथ डिवाइस, वॉकी-टॉकी सेट, बैटरी, चार्जर, नौ मोबाइल फोन, एक कार, दो आधार कार्ड और दो प्रवेश पत्र बरामद किए गए।
सिपाही और होमगार्ड की भूमिका संदिग्ध
पुलिस के अनुसार, गिरोह में शामिल सिपाही परीक्षा प्रणाली की कमजोरियों का फायदा उठाकर अभ्यर्थियों को नकल सामग्री और सॉल्वर उपलब्ध कराता था। वहीं होमगार्ड जवान परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी जानकारी लीक करने में मदद करते थे।
संगठित तरीके से चल रहा था नेटवर्क
गिरोह के अन्य सदस्य अभ्यर्थियों की तलाश, पैसों का लेनदेन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की व्यवस्था करने का काम करते थे। इससे साफ होता है कि नकल का यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से संचालित हो रहा था।
कई धाराओं में मामला दर्ज
इस मामले में मुफस्सिल थाना में प्राथमिकी दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता, बिहार लोक परीक्षा अधिनियम 2024 और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और संभावना जताई जा रही है कि इस मामले में और भी लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।






