खूंटी, 31 जुलाई — नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के चर्चित मामले में खूंटी व्यवहार न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए चार आरोपियों को दोषी ठहराकर सजा सुनाई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम राकेश कुमार मिश्रा की अदालत ने मुख्य आरोपी शहबाज खान को आजीवन कारावास की सजा दी है।
अन्य दोषियों को भी कड़ी सजा
अदालत ने सह-आरोपी हसनैन अंसारी उर्फ गोलू को पॉक्सो अधिनियम के तहत 25 वर्ष की सजा सुनाई। वहीं मिराज अंसारी उर्फ अरबाज अंसारी को सात वर्ष और तनीषा परवीन उर्फ गुड़िया को पांच वर्ष के कारावास की सजा दी गई।
2023 की घटना, पिता ने दर्ज कराई थी प्राथमिकी
यह मामला 24 दिसंबर 2023 का है। पीड़िता के पिता के बयान पर तपकरा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अभियोजन के अनुसार, 14 वर्षीय छात्रा चर्च से लौटने के बाद अपने एक मित्र के साथ भेलकी टोंगरी गई थी।
चाकू के बल पर किया गया अपहरण
इसी दौरान मुख्य आरोपी शहबाज खान और हसनैन अंसारी मोटरसाइकिल से वहां पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने चाकू दिखाकर छात्रा के मित्र को भगा दिया और नाबालिग का जबरन अपहरण कर लिया।
सुनसान जगह ले जाकर किया दुष्कर्म
अभियोजन के मुताबिक, पीड़िता को चंचलाघाघ ले जाया गया, जहां मुख्य आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। सह-आरोपी ने भी दुष्कर्म का प्रयास किया, लेकिन पीड़िता के विरोध के कारण वह सफल नहीं हो सका। बाद में मुख्य आरोपी उसे घर छोड़ने का झांसा देकर अपने घर ले गया, जहां दोबारा दुष्कर्म किया गया।
गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध
मामले की सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक अंजू कच्छप ने पक्ष रखा। अदालत में 12 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। साक्ष्यों के आधार पर 27 जुलाई को सभी आरोपियों को दोषी करार दिया गया था।
धमकी और डराने का भी आरोप
अभियोजन ने बताया कि घटना के दौरान घर में मौजूद मिराज अंसारी और तनीषा परवीन ने पीड़िता की मदद नहीं की, बल्कि उसे डराया-धमकाया भी। किसी तरह घर पहुंचकर पीड़िता ने अपने परिजनों को पूरी घटना बताई, जिसके बाद मामला दर्ज हुआ।
न्याय की दिशा में अहम फैसला
अदालत के इस फैसले को पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस ने सभी आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।






