सीतामढ़ी, 07 अक्टूबर। बिहार के सीतामढ़ी जिले में दिनेश यादव हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस और संदिग्ध अपराधियों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस दौरान हत्याकांड से जुड़े तीन आरोपी घायल हो गए। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है। घटनास्थल से तीन सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, एक पिट्ठू बैग और बड़ी संख्या में कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपियों का लूट, हत्या समेत कई गंभीर आपराधिक मामलों में इतिहास रहा है।
गुप्त सूचना के बाद पुलिस ने चलाया अभियान
पुलिस के मुताबिक, बुधवार रात जिला आसूचना इकाई (डीआईयू) को गुप्त सूचना मिली थी कि दिनेश यादव हत्याकांड का आरोपी सुनील कुशवाहा अपने साथियों के साथ रीगा-परसौनी थाना क्षेत्र में देखा गया है। सूचना मिलते ही आसपास के थानों को अलर्ट कर दिया गया।
संदिग्धों की तलाश और घेराबंदी के लिए रीगा थानाध्यक्ष, डीआईयू की टीम और हत्याकांड की जांच के लिए गठित विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) ने रीगा-परसौनी रोड पर सघन गश्त शुरू की।
रेवासी-भगवानपुर बॉर्डर के पास हुई मुठभेड़
गश्त के दौरान पुलिस टीम को रीगा थाना क्षेत्र के रेवासी-भगवानपुर बॉर्डर के पास एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन संदिग्ध आते दिखाई दिए। पुलिस की गाड़ी देखकर उन्होंने कथित तौर पर भागने के लिए मोटरसाइकिल मोड़ने का प्रयास किया, लेकिन बाइक फिसलकर गिर गई।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए तीनों संदिग्धों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में तीनों घायल
पुलिस का कहना है कि मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन करते हुए नियंत्रित तरीके से जवाबी फायरिंग की गई। पुलिस के अनुसार, संदिग्धों के शरीर के निचले हिस्से यानी पैरों को निशाना बनाया गया, जिसमें तीनों घायल हो गए।
इसके बाद पुलिस टीम ने उन्हें हिरासत में लेकर तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल तीनों का इलाज चल रहा है। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच और साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सुनील कुशवाहा समेत तीन आरोपियों की पहचान
पुलिस के अनुसार, घायल आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- सुनील कुशवाहा: निवासी रामनगरा, थाना रीगा, जिला सीतामढ़ी।
- मणि कुमार: थाना बेलसंड, जिला सीतामढ़ी।
- इंदल कुमार: थाना गाढ़ा, जिला सीतामढ़ी।
पुलिस इन तीनों से पूछताछ कर रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य दिनेश यादव हत्याकांड में उनकी कथित भूमिका, वारदात से जुड़े अन्य लोगों और संभावित आपराधिक नेटवर्क की जानकारी जुटाना है।
तीन सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और कारतूस बरामद
मुठभेड़ के बाद घटनास्थल की तलाशी में पुलिस को तीन सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, एक पिट्ठू बैग और बड़ी संख्या में कारतूस मिले हैं। बरामद हथियारों और अन्य सामग्री को जांच के लिए सुरक्षित किया गया है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन हथियारों का इस्तेमाल दिनेश यादव हत्याकांड में हुआ था या नहीं। इसके लिए मामले से जुड़े साक्ष्यों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
अन्य आपराधिक मामलों की भी होगी जांच
पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपियों का लूट, हत्या समेत कई गंभीर आपराधिक मामलों में आपराधिक इतिहास रहा है। अब उनके पूर्व मामलों, संभावित सहयोगियों और अन्य आपराधिक गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी किसी अन्य वारदात की योजना बना रहे थे या नहीं। फिलहाल दिनेश यादव हत्याकांड में उनकी भूमिका और बरामद हथियारों से जुड़े तथ्यों की जांच जारी है।






