सहरसा, 07 अक्टूबर । जिले के सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल मुख्यालय में बुधवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आक्रोश मार्च निकाला। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर अपनी चिंता जाहिर की।
कांग्रेस कार्यालय से शुरू हुआ मार्च
इंडिया गठबंधन का यह आक्रोश मार्च मुख्य बाजार स्थित कांग्रेस कार्यालय से शुरू हुआ। इसमें कांग्रेस, राजद, सीपीआई, वीआईपी समेत इंडिया गठबंधन के विभिन्न दलों के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
मार्च में शामिल लोग मुख्य बाजार, पोस्ट ऑफिस चौक और शर्मा चौक होते हुए ब्लॉक चौक पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगाए। मार्च के कारण मुख्य बाजार में कुछ देर के लिए राजनीतिक माहौल गरम रहा।
ब्लॉक चौक पर मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन
आक्रोश मार्च के ब्लॉक चौक पहुंचने के बाद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रखंड कार्यालय परिसर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में निष्पक्ष चुनाव और चुनाव आयोग की विश्वसनीयता बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने केंद्र सरकार से मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग की।
सीपीआई नेता ने निष्पक्षता पर उठाए सवाल
मौके पर सीपीआई नेता ओमप्रकाश नारायण ने कहा कि चुनाव आयोग लोकतंत्र की एक महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर लोगों के मन में लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में चुनाव आयोग की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है। ओमप्रकाश नारायण ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग करते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती की मांग
वहीं राजकुमार चौधरी ने कहा कि इंडिया गठबंधन लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और निष्पक्ष चुनाव की मांग को लेकर लगातार अपनी आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देना और लोगों के बीच विश्वास कायम करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और जनता के मन में किसी भी तरह का संदेह नहीं रहना चाहिए।
केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी
मार्च के दौरान इंडिया गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी नाराजगी जताई और मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग दोहराई।
नेताओं ने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद हैं। इसलिए चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठने वाले सवालों का उचित जवाब दिया जाना आवश्यक है।
कई दलों के नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
आक्रोश मार्च और पुतला दहन कार्यक्रम में राजद नेता मुकेश यादव, मो. कैफी असरफ, अबू फराह सालजी, वीआईपी नेता रामचंद्र मुखिया, मो. अली अहमद, ललित कुमार समेत इंडिया गठबंधन के कई अन्य नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रदर्शन के दौरान गठबंधन के नेताओं ने एकजुट होकर निष्पक्ष चुनाव, लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और चुनाव प्रक्रिया में जनता का विश्वास कायम रखने की मांग उठाई।






