रांची, 05 मई । झारखंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बबलू मिश्रा प्रकरण को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
‘कौन है बबलू मिश्रा?’—भाजपा का सवाल
भाजपा प्रवक्ता अजय साह ने प्रेसवार्ता में कहा कि ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंताओं को कथित रूप से धमकाने वाला बबलू मिश्रा आखिर कौन है और उसे किसका संरक्षण प्राप्त है, इसकी जांच जरूरी है।
कॉल रिकॉर्ड और नेटवर्क की जांच की मांग
अजय साह ने आरोप लगाया कि बबलू मिश्रा पर अधिकारियों को डराने-धमकाने, गाली-गलौज करने और मनचाहे ठेकेदारों को काम दिलाने जैसे गंभीर आरोप हैं। उन्होंने मांग की कि बबलू मिश्रा, उसके परिवार, स्टाफ और निजी सहायकों के कॉल रिकॉर्ड की जांच की जाए, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।
CCTV फुटेज और पत्र की फॉरेंसिक जांच पर जोर
भाजपा ने ग्रामीण विकास विभाग के कार्यालय में बबलू मिश्रा के आने-जाने से संबंधित सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग की है। साथ ही, संबंधित पत्र की फॉरेंसिक जांच कर उसकी सत्यता सामने लाने की भी बात कही गई।
कार्रवाई में देरी पर उठाए सवाल
अजय साह ने कहा कि विभागीय अधिकारियों को भेजे गए पत्र पर 11 दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं होना संदेह पैदा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा मामला उठाए जाने के बाद ही अधिकारी सक्रिय हुए।
सरकार पर ‘लीपापोती’ का आरोप
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सरकार निष्पक्ष जांच के बजाय मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा-कांग्रेस गठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है।
पूर्व मामलों का दिया हवाला
अजय साह ने पूर्व मुख्य अभियंता वीरेंद्र राम और आलमगीर आलम का उदाहरण देते हुए कहा कि गंभीर आरोपों के बावजूद उन्हें महत्वपूर्ण पदों पर रखा गया, जिससे गलत संदेश गया।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
भाजपा ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। प्रेसवार्ता में भाजपा के मीडिया सह प्रभारी अशोक बड़ाईक भी मौजूद रहे।






