कोलकाता, 22 जुलाई। पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल ने सुरक्षा, सीमा प्रबंधन और पोषण योजनाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के थाने की स्थापना, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को सरकारी भूमि हस्तांतरित करने तथा आंगनवाड़ी पोषण योजना के लिए अतिरिक्त बजट देने जैसे अहम फैसले लिए गए।
राज्य में बनेगा एनआईए थाना
कैबिनेट ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) का थाना स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
सरकार के अनुसार, आवश्यक प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद थाने की स्थापना की जाएगी। हालांकि, इसे किस स्थान पर स्थापित किया जाएगा, इसकी जानकारी फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है।
वर्तमान में एनआईए का क्षेत्रीय कार्यालय कोलकाता के साल्टलेक में संचालित है, जहां से राज्य के मामलों की जांच की जाती है। सरकार का कहना है कि बढ़ते कार्यभार को देखते हुए अलग थाना स्थापित करने की आवश्यकता महसूस की गई।
बीएसएफ को दी जाएगी सरकारी जमीन
कैबिनेट ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए उत्तर दिनाजपुर जिले के चोपड़ा प्रखंड स्थित फतेहाबाद मौजा की 0.588 एकड़ सरकारी भूमि स्थायी रूप से बीएसएफ को हस्तांतरित करने की मंजूरी दी।
इसके अलावा नदिया जिले के गोपालपुर में बीएसएफ की 56वीं बटालियन की सीमा चौकी स्थापित करने के लिए 0.42 एकड़ सरकारी भूमि भी स्थायी रूप से बीएसएफ को देने का निर्णय लिया गया।
सरकार ने कहा कि भविष्य में भी आवश्यकता पड़ने पर सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।
आंगनवाड़ी पोषण योजना को अतिरिक्त बजट
राज्य सरकार ने आंगनवाड़ी केंद्रों में संचालित पोषण कार्यक्रम को और प्रभावी बनाने के लिए अंडा खरीद पर अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया है।
कैबिनेट के फैसले के अनुसार—
- गर्भवती एवं धात्री माताओं के भोजन के लिए प्रति प्लेट 2 रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे।
- बच्चों के भोजन के लिए भी प्रति प्लेट 2 रुपये अतिरिक्त खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
यह राशि पहले से निर्धारित बजट के अतिरिक्त उपलब्ध कराई जाएगी।
पोषण गुणवत्ता में होगा सुधार
सरकार का कहना है कि अतिरिक्त बजट से आंगनवाड़ी केंद्रों में मिलने वाले पोषण आहार की गुणवत्ता बेहतर होगी। इससे गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों को अधिक पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा सकेगा।
इन निर्णयों के क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगी।






