फाइलेरिया के खिलाफ बड़ा अभियान: रांची में 10 फरवरी को 619 बूथों पर चलेगा एमडीए ड्राइव

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रांची। राष्ट्रीय लिम्फैटिक फाइलेरियासिस उन्मूलन कार्यक्रम के तहत रांची जिले में फाइलेरिया (हाथीपांव) से बचाव के लिए 10 फरवरी को सामूहिक औषधि प्रशासन (एमडीए) अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत जिलेभर में कुल 619 बूथों पर स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा लोगों को फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन कराया जाएगा। यह जानकारी सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात रंजन ने सोमवार को अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में दी।

डॉ. प्रभात रंजन ने बताया कि यह अभियान जिले के सोनाहातु, तमाड़, कांके और राहे प्रखंडों के चिन्हित क्षेत्रों में संचालित किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने इस दौरान लगभग 4,91,014 लोगों को दवा देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अभियान के तहत डीईसी (डाइएथाइल कार्बामाजीन) और अल्बेंडाजोल दवाएं पूरी तरह निःशुल्क और सुरक्षित रूप से उपलब्ध कराई जाएंगी।

उन्होंने बताया कि नियमित रूप से फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन करने से इस गंभीर बीमारी से पूरी तरह बचाव संभव है। हालांकि, गर्भवती महिलाओं, दो वर्ष से कम आयु के बच्चों तथा गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को यह दवा नहीं दी जाएगी। वहीं, एक से दो वर्ष की आयु के बच्चों को अल्बेंडाजोल की आधी गोली दी जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि जो लोग 10 फरवरी को बूथ पर दवा लेने से वंचित रह जाएंगे, उन्हें 25 फरवरी 2026 तक घर-घर जाकर स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से दवा उपलब्ध कराई जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाएं और अपने नजदीकी बूथ पर जाकर फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन करें, ताकि रांची जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाया जा सके। प्रेस वार्ता में डॉ. प्रभात रंजन के अलावा स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मी भी मौजूद थे।

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