₹1512 करोड़ की लागत से कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ, नवंबर 2027 तक 25 लाख घरों तक योजना पहुंचाने का लक्ष्य
पटना: बिहार में स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत राज्य में ₹1512 करोड़ की लागत से 2.5 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घरों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की शुरुआत की गई है। इसके साथ ही ऊर्जा क्षेत्र की ₹1278 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया।

सरकार का उद्देश्य सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देकर बिहार को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के माध्यम से गरीब एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों को सस्ती, स्वच्छ और सतत बिजली उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार आगामी नवंबर तक राज्य के 2.5 लाख घरों को इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं नवंबर 2027 तक इसका विस्तार कर 25 लाख घरों तक पहुंचाने की तैयारी है। योजना के सफल क्रियान्वयन से बिजली उपभोक्ताओं के खर्च में कमी आएगी और उन्हें ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत का लाभ मिलेगा।
सरकार का मानना है कि सौर ऊर्जा आधारित इस पहल से पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होने से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि बिहार में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है। ऊर्जा क्षेत्र में हो रहे निवेश और नई परियोजनाओं को विकसित बिहार के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह योजना न केवल ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगी, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आर्थिक विकास को भी नई गति देगी।






