नेपाल में चुनावी घोषणा पत्रों में स्वतंत्र विदेश नीति बना प्रमुख मुद्दा

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काठमांडू। नेपाल में संसदीय चुनाव के लिए विभिन्न प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने-अपने घोषणापत्र सार्वजनिक कर दिए हैं।अधिकांश पार्टियों ने कूटनीति के क्षेत्र में स्वतंत्र विदेश नीति पर जोर दिया है।

नेपाली कांग्रेस ने अपने प्रतिज्ञा पत्र में कहा है कि नेपाल की संप्रभुता, भौगोलिक अखंडता, स्वतंत्रता और राष्ट्रीय हित की रक्षा के लिए सक्रिय रहते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ के चार्टर, गुटनिरपेक्षता, पंचशील के सिद्धांत, अंतरराष्ट्रीय कानून और विश्व शांति की मान्यताओं के आधार पर राष्ट्र के सर्वोच्च हित को ध्यान में रखते हुए स्वतंत्र विदेश नीति अपनाई जाएगी। गगन थापा के नेतृत्व में चुनाव लड़ रही नेपाली कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की रक्षा, सैन्य गठबंधन या शक्तिशाली देशों के बीच सामरिक प्रतिस्पर्धा में नेपाल प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल नहीं होगा।

पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली नेकपा एमाले ने अपने घोषणापत्र में पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को और अधिक विश्वासपूर्ण और मैत्रीपूर्ण बनाने की बात कही है। पार्टी ने कहा है कि हम किसी प्रकार का आग्रह या पूर्वाग्रह नहीं रखते। ‘सबसे मित्रता, किसी से शत्रुता नहीं’ हमारी विदेश नीति का मूल आधार है। एमाले ने किसी भी विदेशी हस्तक्षेप को अस्वीकार करने की प्रतिबद्धता जताई है। पार्टी ने संप्रभु समानता में विश्वास व्यक्त करते हुए कहा है कि वह किसी भी राष्ट्र की स्वतंत्रता, आत्मनिर्णय और भौगोलिक अखंडता पर अतिक्रमण या हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेगी।

पार्टी ने कहा है कि वह सभी देशों के साथ सम्मानजनक संबंध रखेगी, सभी राष्ट्रों की संप्रभुता और स्वतंत्रता का सम्मान करेगी और अन्य देशों से भी इसी प्रकार के व्यवहार की अपेक्षा करेगी। एमाले ने पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने, किसी भी पड़ोसी के अहित की कल्पना तक न करने तथा अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय संघ-संगठनों के साथ सहयोग बढ़ाने की बात कही है।

पुष्प कमल दाहाल ‘प्रचंड’ के नेतृत्व वाली नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (नेकपा) ने नेपाल की गुटनिरपेक्ष विदेश नीति को और सुदृढ़ करते हुए राष्ट्रीय हित, संप्रभुता और भौगोलिक अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प व्यक्त किया है। पार्टी ने पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को प्राथमिकता में रखा है। लिपुलेख, लिम्पियाधुरा और कालापानी जैसे सीमा विवादों को कूटनीतिक वार्ता और अंतरराष्ट्रीय कानून के आधार पर समाधान करने की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए नेकपा ने सीमा प्रबंधन और नियमन को आधुनिक एवं प्रभावकारी बनाने का वादा किया है।

रवि लामिछाने की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) ने अपने वचन पत्र में नेपाल को ‘बफर स्टेट’ से ‘वाइब्रेंट ब्रिज’ में रूपांतरित करने तथा त्रिपक्षीय आर्थिक साझेदारी और कनेक्टिविटी के माध्यम से राष्ट्रीय हित सुनिश्चित करने की बात कही है। रास्वपा ने पड़ोसी देशों के रणनीतिक हितों और वैश्विक शक्ति संतुलन में आए बदलाव पर विशेष ध्यान देने की बात कही है। बदलती वैश्विक भू-राजनीति और पड़ोसी शक्तियों के उदय को नेपाल के विकास के अवसर में बदलने के लिए ‘संतुलित और गतिशील कूटनीति’ अपनाने की प्रतिबद्धता जताई गई है।

पार्टी ने कहा है कि भारत द्वारा डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, उच्च गति वाले गुणवत्तापूर्ण भौतिक ढांचे, अर्थव्यवस्था के औपचारिकीकरण, उत्पादनमुखी उद्योग और सेवा क्षेत्रों में की गई प्रगति से नेपाल लाभ उठा सकता है।

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