नेपाल की सियासत में युवाओं का मुद्दा गरम, कार्की ने सम्मानजनक रवैये पर दिया जोर

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काठमांडू। प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने कहा है कि युवाओं के आक्रोश का सम्मान किया जाना चाहिए और सशक्त लोकतंत्र को उनकी असहमति दबाने के बजाय सुधार के अवसर के रूप में स्वीकार करना चाहिए।

काठमांडू में 76वें लोकतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित एक विशेष समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री कार्की ने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक प्रासंगिकता इंटरनेट पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से लेकर रसोई में सब्जियों की कीमत तक हर क्षेत्र में दिखाई देनी चाहिए। पिछले साल हुए युवाओं के प्रदर्शनों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि वह आंदोलन भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और भेदभाव के अंत की मांग करने वाला एक दर्पण था। एक मजबूत लोकतंत्र असंतोष को दबाता नहीं है, बल्कि उसे सुधार के अवसर के रूप में स्वीकार करता है। प्रधानमंत्री कार्की ने जोर देकर कहा कि कोई भी राष्ट्र अपने युवाओं की ऊर्जा और नैतिक आक्रोश की अनदेखी करके शांत नहीं रह सकता।

प्रधानमंत्री कार्की ने 5 मार्च को निर्धारित संसदीय चुनावों को स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में कराने के लिए सरकार की पूर्ण प्रतिबद्धता भी दोहराई। उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल एक नियमित प्रक्रिया नहीं है, बल्कि देश को एक नए राजनीतिक दौर में ले जाने वाला ऐतिहासिक मोड़ है।

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