रांची, 29 सितंबर । झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल तकनीक से जोड़ने और आधुनिक बनाने की दिशा में पहल की जा रही है। इसी उद्देश्य से रांची में 30 सितंबर से 1 अक्टूबर तक दो दिवसीय डिजिटल हेल्थ कॉन्क्लेव आयोजित किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने मंगलवार को नेपाल हाउस स्थित अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी।
झारखंड को डिजिटल हेल्थ में मॉडल राज्य बनाने का लक्ष्य
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि डिजिटल हेल्थ के क्षेत्र में झारखंड को मॉडल राज्य बनाना उनका सपना है। कॉन्क्लेव के माध्यम से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और मरीजों तक विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक का उपयोग खास तौर पर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में किया जा सकता है।
रोबोटिक सर्जरी से एआई तक तकनीक पर चर्चा
दो दिवसीय कॉन्क्लेव में स्वास्थ्य क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक तकनीकों पर चर्चा और उनका प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें रोबोटिक सर्जरी, टेली-आईसीयू, टेलीमेडिसिन, टेली-एसएनसीयू, टेली-रेडियोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड जैसी तकनीकें प्रमुख रूप से शामिल हैं।
कॉन्क्लेव में विभिन्न कंपनियों की ओर से डिजिटल स्वास्थ्य से जुड़े तकनीकी समाधान और उत्पाद भी प्रदर्शित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे 10-बेड आईसीयू का शुभारंभ
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के हाथों 10-बेड वाले आईसीयू का शुभारंभ किए जाने की जानकारी दी गई है।
सरकार का उद्देश्य डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं को उन क्षेत्रों तक पहुंचाना है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों और अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सीमित है।
एआई और रोबोटिक्स डॉक्टरों का विकल्प नहीं
स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि एआई और रोबोटिक्स डॉक्टरों की क्षमता बढ़ाने के साधन हैं, डॉक्टरों का विकल्प नहीं।
उन्होंने कहा कि मरीजों से जुड़े चिकित्सकीय निर्णय और प्रिस्क्रिप्शन प्रशिक्षित डॉक्टर ही करेंगे। तकनीक का इस्तेमाल डॉक्टरों को बेहतर जानकारी और सहायता उपलब्ध कराने के लिए किया जाएगा।
अस्पतालों को वाई-फाई से जोड़ने की तैयारी
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि राज्य के अस्पतालों को वाई-फाई से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके साथ ही मरीजों को कई जरूरी सुविधाएं डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की शुरुआत भी की गई है।
उन्होंने बताया कि रजिस्ट्रेशन, भुगतान और जांच रिपोर्ट जैसी सुविधाएं वाट्सऐप के माध्यम से उपलब्ध कराने की शुरुआत की गई है।
जिला अस्पतालों तक बढ़ाया जाएगा डिजिटल सिस्टम
अपर मुख्य सचिव के अनुसार, डिजिटल सुविधाओं को भविष्य में जिला अस्पतालों तक विस्तारित करने की योजना है। इससे मरीजों और अस्पतालों के बीच कई प्रक्रियाएं अधिक सुविधाजनक और डिजिटल तरीके से संचालित की जा सकेंगी।
इस व्यवस्था के विस्तार से मरीजों को अस्पताल की सेवाओं से संबंधित जानकारी और दस्तावेज डिजिटल माध्यम से प्राप्त करने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
कंपनियां पेश करेंगी डिजिटल हेल्थ समाधान
कॉन्क्लेव में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न कंपनियां डिजिटल हेल्थ तकनीकों और समाधानों का प्रदर्शन करेंगी। इसका उद्देश्य राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण के लिए उपलब्ध तकनीकी विकल्पों को समझना और उनके उपयोग की संभावनाओं पर चर्चा करना है।
प्रेस वार्ता में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
प्रेस वार्ता में स्वास्थ्य विभाग की विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा, अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह, एनएचएम अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, संयुक्त सचिव दिनेश कुमार यादव सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कॉन्क्लेव के माध्यम से झारखंड में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, तकनीकी नवाचार और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं की पहुंच को लेकर आगे की रणनीति पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।






