नई दिल्ली, 29 सितंबर । भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में देशभर के प्रभारियों, सह प्रभारियों और राष्ट्रीय महासचिवों की महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन की अध्यक्षता में यह पहली बड़ी संगठनात्मक बैठक थी। बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, राज्यों में पार्टी की गतिविधियों का विस्तार करने और विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे मुद्दों का जमीनी स्तर पर जवाब देने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
37 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के पदाधिकारी हुए शामिल
बैठक में 37 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रभारी और सह प्रभारी शामिल हुए। इसके अलावा पार्टी के राष्ट्रीय महासचिवों ने भी बैठक में हिस्सा लिया। इनमें विनोद तावड़े, स्मृति ईरानी और हरीश द्विवेदी समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में संगठन विस्तार, आगामी चुनावों की तैयारियों और विभिन्न राज्यों में पार्टी की गतिविधियों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। पार्टी नेतृत्व ने राज्यों में संगठनात्मक गतिविधियों को लगातार सक्रिय रखने और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद बढ़ाने पर जोर दिया।
विपक्ष के मुद्दों का ग्राउंड पर जवाब देने की रणनीति
बैठक में एसआईआर, मुख्य चुनाव आयुक्त, यूपीई समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्ष की ओर से बनाए जा रहे नैरेटिव पर भी चर्चा हुई। पार्टी नेताओं ने इन मुद्दों का राजनीतिक और संगठनात्मक स्तर पर जवाब देने की रणनीति पर मंथन किया।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में नेताओं को निर्देश दिया गया कि केवल सोशल मीडिया पोस्ट या बयानों के जरिए प्रतिक्रिया देने के बजाय कार्यकर्ता और पदाधिकारी सीधे जनता के बीच जाएं। उन्हें लोगों से संवाद कर पार्टी का पक्ष रखने और स्थानीय स्तर पर उठ रहे सवालों एवं मुद्दों की जानकारी संगठन तक पहुंचाने को कहा गया।
बीएल संतोष ने समझाई संगठन की कार्यप्रणाली
बैठक में भाजपा के संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने प्रभारियों और सह प्रभारियों को संगठन की कार्यप्रणाली और उनकी जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बूथ स्तर के संगठन को मजबूत करने और ‘अपना बूथ, सबसे मजबूत’ अभियान को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। पदाधिकारियों से कहा गया कि वे अपने-अपने राज्यों में नियमित दौरे करें और बूथ से लेकर जिला स्तर तक कार्यकर्ताओं के साथ लगातार बैठकें करें।
राज्यों के नियमित दौरे करने के निर्देश
प्रभारियों और सह प्रभारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने संबंधित राज्यों में नियमित रूप से दौरे करें। इस दौरान कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर संगठन की स्थिति और जनता से जुड़े मुद्दों का फीडबैक लेने को कहा गया।
पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए केवल दिल्ली से गतिविधियां संचालित करना पर्याप्त नहीं है। पदाधिकारियों की राज्यों में नियमित मौजूदगी और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद संगठनात्मक विस्तार के लिए महत्वपूर्ण है।

चुनावी राज्यों के लिए अलग-अलग जोन में जिम्मेदारी
बैठक में आगामी चुनाव वाले राज्यों को अलग-अलग जोन में बांटकर जिम्मेदारियां तय करने पर भी चर्चा हुई। सह प्रभारियों को उनके क्षेत्रों के अनुसार अलग-अलग दायित्व सौंपे गए हैं।
उन्हें निर्देश दिया गया कि त्योहारों की अवधि को छोड़कर अधिकतर समय अपने संबंधित राज्यों और क्षेत्रों में रहकर संगठनात्मक गतिविधियों को गति दें। साथ ही सोशल मीडिया पर पार्टी की मौजूदगी मजबूत करने और विपक्ष के मुद्दों का तथ्यात्मक जवाब देने के लिए रणनीति तैयार करने को कहा गया।
बूथ बैठक और युवाओं से संवाद पर जोर
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने पदाधिकारियों से कहा कि जिस प्रदेश की जिम्मेदारी उन्हें दी गई है, वहां नियमित दौरे करें। उन्होंने व्यक्तिगत प्राथमिकताओं से ऊपर पार्टी हित के अनुरूप संगठनात्मक जिम्मेदारियों को पूरा करने पर जोर दिया।
उन्होंने ‘विकसित भारत संकल्प’, महिला मोर्चा और समाज के विभिन्न वर्गों के साथ संपर्क अभियानों को लगातार आगे बढ़ाने की बात कही। इसके अलावा बूथ स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित करने, कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनने और युवाओं के साथ संवाद बढ़ाने के लिए लगातार कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।
जमीनी फीडबैक को संगठन के लिए बताया महत्वपूर्ण
बैठक में पार्टी नेतृत्व की ओर से कहा गया कि जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से मिलने वाला फीडबैक संगठन के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए प्रभारियों और सह प्रभारियों को अपने राज्यों के दौरों के दौरान संगठन की स्थिति, जनता से जुड़े मुद्दों और कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया की नियमित जानकारी पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाने को कहा गया।
इस व्यवस्था के जरिए पार्टी नेतृत्व राज्यों में संगठन की गतिविधियों और स्थानीय स्तर पर सामने आने वाले मुद्दों की नियमित जानकारी हासिल करने पर जोर दे रहा है।
उत्तर प्रदेश में सह प्रभारियों को मिली अलग-अलग जिम्मेदारियां
बैठक में उत्तर प्रदेश भाजपा के सह प्रभारियों के बीच जिम्मेदारियों के बंटवारे को लेकर भी चर्चा हुई। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अनंत ओझा को अपने क्षेत्र की जिम्मेदारी के साथ भाजपा मुख्यालय में चुनाव प्रबंधन देखने की जिम्मेदारी भी दी गई है।
वहीं डॉ. प्रदीप वर्मा को अवध और कानपुर क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जगदीश पटेल काशी क्षेत्र का दायित्व संभालेंगे।
महिला मोर्चा और अभियान के लिए भी जिम्मेदारी
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, मेधा कुलकर्णी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी के साथ महिला मोर्चा के साथ पूरे प्रदेश में समन्वय और अभियान की जिम्मेदारी भी दी गई है।
बैठक में सभी प्रभारियों और सह प्रभारियों से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने और जनता के बीच पार्टी की नीतियों एवं कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से पहुंचाने पर जोर दिया गया।






