झारखंड को मत्स्य क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से काम: शिल्पी तिर्की

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रांची, 08 मई । झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने शुक्रवार को रातू स्थित अत्याधुनिक मत्स्य परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य को मत्स्य उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना सरकार का प्रमुख लक्ष्य है और इसके लिए लगातार धरातल पर कार्य किए जा रहे हैं।

मत्स्य उद्योग में अपार संभावनाएं

मंत्री ने कहा कि झारखंड में मत्स्य उद्योग के विकास की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। सरकार किसानों और युवाओं के लिए ऐसा इकोसिस्टम तैयार कर रही है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ सकें।

तकनीक आधारित परियोजनाओं पर जोर

शिल्पी तिर्की ने कहा कि तकनीक आधारित मत्स्य परियोजनाएं उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देंगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2025-26 के बजट में बायोफ्लॉक तालाब योजना और फिश मार्केट शेड योजना को शामिल किया है, ताकि उत्पादन के साथ विपणन व्यवस्था को भी मजबूत बनाया जा सके।

3.81 लाख मीट्रिक टन पहुंचा उत्पादन

मंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष 2025-26 में राज्य का मत्स्य उत्पादन लगभग 3.81 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच चुका है। वहीं, मत्स्य बीज उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

उन्होंने बताया कि चांडिल जलाशय, मैथन जलाशय, तेनुघाट जलाशय, कोनार जलाशय, मसानजोर जलाशय और तिलैया जलाशय में केज कल्चर के माध्यम से उत्पादन बढ़ाया जा रहा है।

आधुनिक मत्स्य मॉडल का निरीक्षण

इस अवसर पर मंत्री ने युवा उद्यमियों द्वारा संचालित किंग फिशरीज के एकीकृत मत्स्य मॉडल, बायोफ्लॉक टैंक, हैचरी, फीड प्लांट और आधुनिक तकनीकों का अवलोकन किया।

निरीक्षण के दौरान निदेशक मत्स्य अमरेंद्र कुमार सहित विभाग के कई अधिकारी उपस्थित थे।

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