–राज्यकर्मियों के लिए अग्रिम वेतन योजना भी स्वीकृत
रांची, 15 जून। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को हुई झारखंड कैबिनेट की बैठक में कुल 23 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार ने जंगली जानवरों के हमलों से प्रभावित लोगों के लिए मुआवजा राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है।
जंगली जानवरों के हमले में मौत पर मिलेगा 10 लाख रुपये
कैबिनेट के फैसले के अनुसार अब जंगली जानवरों के हमले में किसी व्यक्ति की मौत होने पर उसके आश्रितों को 10 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। पहले यह राशि चार लाख रुपये थी।
मुआवजा राशि का वितरण इस प्रकार होगा:
- एक लाख रुपये तत्काल नकद सहायता
- चार लाख रुपये चेक के माध्यम से भुगतान
- पांच लाख रुपये आश्रित के नाम पांच वर्ष के लिए फिक्स डिपॉजिट
इसके अलावा मृतक के आश्रित को तीन वर्षों तक प्रतिमाह दो हजार रुपये पेंशन भी दी जाएगी।

घायलों और दिव्यांगों के लिए भी बढ़ी सहायता राशि
राज्य सरकार ने जंगली जानवरों के हमले में घायल होने वालों के लिए भी राहत बढ़ाई है।
- गंभीर रूप से घायल होने पर 1.5 लाख की जगह 2 लाख रुपये
- हल्की चोट लगने पर 25 हजार की जगह 35 हजार रुपये
- स्थायी दिव्यांगता होने पर 3.25 लाख की जगह 3.50 लाख रुपये
मकान और फसलों के नुकसान पर बढ़ा मुआवजा
ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए भी मुआवजा बढ़ाया गया है।
मकान क्षति पर सहायता
- पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकान (आईएपी जिले): 2 लाख रुपये
- गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त मकान (अन्य जिले): 1.30 लाख रुपये
कृषि और अनाज नुकसान
- भंडारित अनाज के नुकसान पर 3,600 रुपये प्रति क्विंटल
- फसल क्षति पर भूमिधर किसानों को 32,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता
पशुधन के नुकसान पर भी बढ़ी राहत
पशुपालकों के लिए भी सरकार ने मुआवजा राशि में वृद्धि की है।
- गाय, बैल और भैंस की मौत पर 60 हजार रुपये
- खुले में चर रहे पशुओं की मौत पर 30 हजार रुपये
- बछड़ा या बछिया की मौत पर 10 हजार रुपये
- मुर्गी या मुर्गे की मौत पर 100 रुपये प्रति पक्षी, अधिकतम 10 हजार रुपये
राज्यकर्मियों को मिलेगी अग्रिम वेतन सुविधा
कैबिनेट ने राज्य कर्मचारियों के लिए अग्रिम वेतन और क्रेडिट सुविधा शुरू करने का भी निर्णय लिया है।
इसके तहत:
- कर्मचारी 30 दिनों तक का अग्रिम वेतन ले सकेंगे
- राशि की वापसी 2 माह से 60 माह तक की अवधि में की जा सकेगी
- इसके लिए वित्तीय संस्थानों का चयन किया जाएगा
सड़क और सिंचाई परियोजनाओं को मिली मंजूरी
कैबिनेट ने विभिन्न आधारभूत संरचना परियोजनाओं को भी मंजूरी दी।
- सड़क चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्यों के लिए 162 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति
- पलामू की अमानत बराज योजना की संशोधित लागत 947 करोड़ रुपये मंजूर
- नामकुम-डोरंडा सड़क को चार लेन बनाने के लिए 162.82 करोड़ रुपये स्वीकृत
खनन पट्टों को हरी झंडी
कैबिनेट ने कई कोल ब्लॉकों के लिए खनन पट्टों की स्वीकृति भी प्रदान की।
स्वीकृत प्रमुख परियोजनाएं
- बोकारो के पर्वतपुर और सीतानाला कोल ब्लॉक के लिए जेएसडब्ल्यू स्टील लिमिटेड को अनुमति
- गोड्डा के जीतपुर कोल ब्लॉक के लिए टेरी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड को स्वीकृति
झारनेट 2.0 की अवधि बढ़ी
राज्य सरकार ने झारखंड स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (झारनेट 2.0) परियोजना की अवधि जुलाई 2026 तक बढ़ा दी है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 65.50 करोड़ रुपये के व्यय को भी मंजूरी दी गई है।
अन्य महत्वपूर्ण फैसले
- कंप्यूटर ऑपरेटर और डाटा एंट्री ऑपरेटरों के वेतनमान में एकरूपता
- मोटरयान निरीक्षकों की नियुक्ति को मंजूरी
- गोड्डा और बोकारो समाहरणालय के अनियमित कर्मियों की सेवा नियमित
- राज्य के महाधिवक्ता के रूप में रोहितस्य राय की नियुक्ति को घटनोत्तर स्वीकृति
- वन विभाग के कार्यों के लिए हाइब्रिड मॉडल लागू करने का निर्णय
- बांध सुरक्षा अधिनियम-2021 के तहत विशेषज्ञ पैनल गठन की मंजूरी
वनरोपण और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा
कैबिनेट ने विभिन्न विभागों द्वारा क्षतिपूरक वनरोपण के लिए वन विभाग को सरकारी एवं गैरमजरूआ भूमि के स्थायी हस्तांतरण की प्रक्रिया को सरल बनाने का भी फैसला लिया है। इसके लिए उपायुक्तों को अधिक अधिकार प्रदान किए गए हैं।
इन फैसलों के साथ राज्य सरकार ने वन्यजीव प्रभावित परिवारों को राहत, कर्मचारियों को वित्तीय सुविधा और आधारभूत संरचना विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।






