रांची, 28 जुलाई — झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते मंगलवार को राज्य अपराध अनुसंधान विभाग (CID) कार्यालय पहुंचे, जहां उनसे 14वीं सिविल सेवा परीक्षा समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर पूछताछ की गई।
नोटिस के बाद CID कार्यालय पहुंचे ख्यांगते
CID ने एल. ख्यांगते को पहले ही नोटिस जारी कर 28 जुलाई को पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया था। नोटिस का पालन करते हुए वह निर्धारित समय पर CID कार्यालय पहुंचे। इसके बाद जांच अधिकारियों ने उनसे भर्ती प्रक्रिया, चयन प्रणाली और कथित गड़बड़ियों से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत पूछताछ शुरू की।
भर्ती प्रक्रियाओं की गहन जांच जारी
बताया जा रहा है कि JPSC की विभिन्न नियुक्तियों में अनियमितताओं के आरोपों की जांच CID द्वारा की जा रही है। इस दौरान एजेंसी कई अभ्यर्थियों, अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ कर चुकी है। साथ ही दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की भी बारीकी से जांच जारी है।
10 आरोपी गिरफ्तार, जांच का दायरा बढ़ा
इस मामले में CID अब तक मुख्य आरोपी अभय तिवारी समेत कुल 10 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसी का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की गहनता से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
14वीं सिविल सेवा परीक्षा पर खास फोकस
सूत्रों के अनुसार, 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर जांच एजेंसी विशेष रूप से गंभीर है। इसी कड़ी में पूर्व अध्यक्ष से पूछताछ को अहम माना जा रहा है।
यह मामला झारखंड में भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रहा है, वहीं CID की कार्रवाई से आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।






