केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू को आपत्तिजनक बयान पड़ा भारी,  पंजाब अनुसूचित जाति आयोग ने सुनाई धार्मिक सजा

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चंडीगढ़: पुलिस कर्मचारियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में पंजाब अनुसूचित जाति आयोग ने केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को धार्मिक सजा सुनाई है। आयोग ने उन्हें चार धार्मिक स्थलों पर माथा टेककर आशीर्वाद लेने का निर्देश दिया है।

आयोग के समक्ष पेश होकर रखा पक्ष

बुधवार को रवनीत बिट्टू अपने वकीलों के साथ आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी के समक्ष पेश हुए। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके कुछ शब्द कानूनी रूप से गलत थे और इसके लिए वे पहले ही माफी मांग चुके हैं।

घटनाक्रम का दिया विवरण

बिट्टू ने बताया कि उन्हें संगरूर में एक एसपी रैंक के अधिकारी ने रोका और ओएसडी ओंकार के हिरासत में होने की जानकारी दी। इसके बाद वे विभिन्न थानों और स्थानों पर पहुंचे, जहां कथित तौर पर उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ। उन्होंने कहा कि तनावपूर्ण स्थिति में वे भावुक हो गए थे।

पहले भी जारी हुए थे समन

आयोग ने इससे पहले 4 जून और 15 जून को भी बिट्टू को तलब किया था, लेकिन वे पेश नहीं हुए थे। बुधवार को सुनवाई के दौरान उनके और उनके वकीलों के तर्क सुने गए।

चार धार्मिक स्थलों पर माथा टेकने का निर्देश

आयोग ने आदेश दिया है कि रवनीत बिट्टू श्री दरबार साहिब, फिल्लौर स्थित डेरा ब्रह्मदास, भगवान वाल्मीकि जी का डेरा (रामतीर्थ, अमृतसर) और डेरा सचखंड बल्लां में जाकर माथा टेकेंगे और आशीर्वाद लेंगे।

आयोग का यह फैसला न केवल सार्वजनिक पदों पर आसीन व्यक्तियों के आचरण की जिम्मेदारी को रेखांकित करता है, बल्कि सामाजिक और धार्मिक संवेदनशीलता बनाए रखने का संदेश भी देता है।

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