पटना: बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने शनिवार को कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन गंगा सेतु परियोजना के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने मुख्य पुल, दोनों ओर बन रहे एप्रोच रोड (पहुंच मार्ग) तथा अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को समयसीमा के भीतर परियोजना को पूरा करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, बिहार राज्य सड़क विकास निगम लिमिटेड के अभियंता तथा अन्य अधिकारी मौजूद रहे। विभागीय सचिव ने मुख्य सचिव को बताया कि परियोजना का कार्य अंतिम चरण में है और गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए इसे तेजी से पूरा किया जा रहा है। शेष कार्य जुलाई 2026 के पहले सप्ताह तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मुख्य सचिव ने अभियंताओं को निर्देश दिया कि अंतिम चरण के कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए और वरीय अधिकारी प्रतिदिन इसकी मॉनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि यह बिहार की परिवहन व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है, जो पटना और उत्तर बिहार के बीच संपर्क व्यवस्था को नई दिशा देगी।
पटना जिले के कच्ची दरगाह और वैशाली जिले के बिदुपुर के बीच गंगा नदी पर बन रही इस 6 लेन ग्रीनफील्ड परियोजना की कुल लंबाई 19.76 किलोमीटर है। इसमें 9.76 किलोमीटर लंबा मुख्य पुल और 10 किलोमीटर लंबे पहुंच पथ शामिल हैं। परियोजना का भौतिक कार्य 98.2 प्रतिशत पूरा हो चुका है। पहले चरण में कच्ची दरगाह से राघोपुर दियारा तक 4.57 किलोमीटर लंबे हिस्से का उद्घाटन पहले ही किया जा चुका है।
यह सिक्स लेन पुल पटना के सबलपुर को एनएच-103 स्थित बिदुपुर से जोड़ेगा और एनएच-30 से सीधा संपर्क प्रदान करेगा। परियोजना पूरी होने के बाद उत्तर बिहार के लोगों को राजधानी पटना तक निर्बाध सड़क संपर्क मिलेगा। इससे कृषि, उद्योग, व्यापार और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी तथा आपातकालीन चिकित्सा की स्थिति में मरीजों को पटना पहुंचने में कम समय लगेगा।
यह मेगा परियोजना हाजीपुर और समस्तीपुर की ओर जाने वाले यातायात को भी सुगम बनाएगी। साथ ही, गांधी सेतु पर बढ़ते दबाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। परियोजना के शुरू होने के बाद पटना और उत्तर बिहार के बीच यात्रा अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगी, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।






