अभी पेट्रोल-डीजल सस्ता करना संभव नहीं, कीमतों पर बाद में होगा फैसला: हरदीप सिंह पुरी

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नई दिल्ली। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को कहा कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती करना संभव नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि अगले कुछ सप्ताह या महीनों तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम बनी रहती हैं, तो ईंधन की कीमतों की समीक्षा की जा सकती है।

कच्चे तेल की कीमतों पर रहेगी नजर

प्रेसवार्ता में हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के दौरान वैश्विक कच्चे तेल के बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन इसके बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें काफी हद तक स्थिर रखी गईं।

उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान समझौते के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट शुरू हुई है। यदि यह स्थिति अगले दो से तीन महीनों तक बनी रहती है, तो ईंधन की कीमतों में राहत देने पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, फिलहाल इस संबंध में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

तेल कंपनियों को 74,781 करोड़ रुपये का नुकसान

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि लागत से कम कीमत पर ईंधन बेचने के कारण 30 जून तक सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) को 74,781 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।

उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में पेट्रोल की कीमतों में 5.58 प्रतिशत और डीजल की कीमतों में 6.23 प्रतिशत की ही वृद्धि हुई है।

पुराने महंगे स्टॉक का असर

हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि सरकारी तेल विपणन कंपनियां अभी भी लगभग 2.18 लाख करोड़ रुपये के वित्तीय घाटे की भरपाई कर रही हैं। कंपनियों के पास अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊंची कीमतों पर खरीदा गया कच्चे तेल और ईंधन का बड़ा भंडार मौजूद है।

उन्होंने कहा कि यही कारण है कि मौजूदा समय में खुदरा ईंधन कीमतों में तत्काल कटौती करना व्यावहारिक नहीं है।

2030 तक बढ़ेगी देश की रिफाइनिंग क्षमता

पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि सरकार देश की ऊर्जा अवसंरचना को मजबूत करने के लिए दीर्घकालिक योजनाओं पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि 2030 तक भारत की तेल शोधन क्षमता बढ़कर 309.5 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (एमएमटीपीए) होने का अनुमान है, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा और मजबूत होगी।

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