नई दिल्ली, 17 अगस्त। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने UGC NET जून 2026 परीक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों की परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी। जांच कमेटी की रिपोर्ट में प्रश्नपत्रों में तथ्यात्मक, टाइपिंग, अनुवाद, व्याकरण और अन्य गंभीर त्रुटियां पाए जाने के बाद यह निर्णय लिया गया है।
9 और 10 सितंबर को होगी दोबारा परीक्षा
NTA के शेड्यूल के अनुसार तीनों विषयों की री-एग्जाम परीक्षा इस प्रकार होगी—
| विषय | तारीख | शिफ्ट | समय |
|---|---|---|---|
| इंग्लिश | 9 सितंबर 2026 | पहली | सुबह 9 से दोपहर 12 बजे |
| कॉमर्स | 9 सितंबर 2026 | दूसरी | दोपहर 3 से शाम 6 बजे |
| सोशियोलॉजी | 10 सितंबर 2026 | पहली | सुबह 9 से दोपहर 12 बजे |
री-एग्जाम में शामिल होने वाले उम्मीदवारों से कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा। परीक्षा केंद्र, एग्जाम सिटी और एडमिट कार्ड से संबंधित जानकारी बाद में जारी की जाएगी।
इंग्लिश पेपर में 67 सवाल दोहराने की शिकायत
UGC NET इंग्लिश पेपर को लेकर उम्मीदवारों ने आरोप लगाया था कि 150 में से 67 प्रश्न वर्ष 2024 के पेपर से हूबहू या काफी हद तक दोहराए गए थे। कई प्रश्नों में विकल्पों का क्रम भी समान रहने की शिकायत की गई थी।
NTA की जांच कमेटी ने भी माना कि पेपर में पहले पूछे जा चुके कई प्रश्न दोबारा शामिल किए गए थे। ये मुख्य रूप से विषय-विशिष्ट पेपर-II से जुड़े थे।
सोशियोलॉजी पेपर में नाम और अनुवाद की गलतियां
सोशियोलॉजी के प्रश्नपत्र में भी कई तरह की त्रुटियों की शिकायतें सामने आईं। इनमें जॉर्ज रिट्जर, टैल्कट पार्सन्स, जीएस घुरिये, एआर देसाई और मार्था नुसबाम जैसे विद्वानों के नामों की गलत स्पेलिंग के आरोप शामिल थे।
इसके अलावा शब्दों, व्याकरण, लिंग-वचन, विराम चिह्न और अनुवाद संबंधी गलतियां भी सामने आईं।
जांच कमेटी को मिलीं कई खामियां
NTA के अनुसार कमेटी ने तीनों विषयों के प्रश्नपत्रों में तथ्यात्मक गलतियां, टाइपिंग और अनुवाद की त्रुटियां, विद्वानों के नामों की गलत स्पेलिंग, किताबों के गलत शीर्षक, प्रश्नों के मुख्य हिस्से में गलतियां, व्याकरण संबंधी त्रुटियां और गैर-मानक शब्दों का इस्तेमाल पाया।
कमेटी ने माना कि इन खामियों से परीक्षा की निष्पक्षता और सटीकता प्रभावित होती है। केवल आंसर-की चैलेंज के दौरान प्रश्न हटाना इसका पर्याप्त समाधान नहीं होगा। इसलिए तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा कराने की सिफारिश की गई।
84 विषयों की आंसर-की जारी
इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी को छोड़कर 84 विषयों की प्रोविजनल आंसर-की जारी की जा चुकी है। उम्मीदवार 16 अगस्त से 18 अगस्त 2026 रात 11:59 बजे तक आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। आपत्ति शुल्क जमा करने की अंतिम समय-सीमा भी 18 अगस्त रात 11:59 बजे है।
NTA ने स्पष्ट किया है कि तीन विषयों के री-एग्जाम का असर बाकी 84 विषयों के परिणाम पर नहीं पड़ेगा। इन विषयों के उम्मीदवारों के JRF, असिस्टेंट प्रोफेसर पात्रता और PhD प्रवेश के लिए ई-सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया में भी री-एग्जाम के कारण देरी नहीं होगी।
उम्मीदवारों को परीक्षा से जुड़े आगे के अपडेट के लिए NTA की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।






