रांची, 28 सितंबर। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रांची स्थित निर्वाचन आयोग कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सवाल उठाए।
एसआईआर को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल
अंबा प्रसाद ने कहा कि एसआईआर के बाद बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटने की बात सामने आ रही है। उनके मुताबिक, इससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए जाते हैं और बाद में उनसे दोबारा आवेदन करने के लिए कहा जाता है, तो एसआईआर की प्रक्रिया और उसके उद्देश्य को लेकर स्पष्टीकरण जरूरी है।
निर्वाचन आयोग की ओर से मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन के लिए अलग-अलग प्रक्रियाएं निर्धारित हैं तथा एसआईआर से जुड़े मतदाताओं के लिए ऑनलाइन सेवाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
बिहार, बंगाल और असम में दोबारा चुनाव का सवाल
अंबा प्रसाद ने बिहार, पश्चिम बंगाल और असम में दोबारा चुनाव कराने की मांग का भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि एसआईआर के दौरान वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाए गए और बाद में उन्हें वास्तविक मतदाता माना गया, तो यह विपक्षी दलों के लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने वाले दल चुनाव प्रक्रिया पर किस भरोसे के साथ आगे बढ़ेंगे, यह सवाल उठना स्वाभाविक है।
ईवीएम और वीवीपैट पर भी जताया संदेह
कांग्रेस विधायक ने ईवीएम और वीवीपैट को लेकर भी लोगों के बीच संदेह होने की बात कही। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
टीएन शेषन का दिया उदाहरण
अंबा प्रसाद ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टी.एन. शेषन का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि शेषन के कार्यकाल में निर्वाचन आयोग की मर्यादा और गरिमा मजबूत हुई तथा आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन कराया गया।
उन्होंने मतदाता पहचान पत्र (EPIC) की शुरुआत का भी उल्लेख किया और कहा कि चुनाव प्रक्रिया में मतदाताओं का भरोसा बनाए रखना जरूरी है।
दस्तावेजों के नाम पर परेशान करने का लगाया आरोप
अंबा प्रसाद ने एसआईआर प्रक्रिया और दस्तावेजों की मांग को लेकर लोगों को परेशान किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि प्रक्रिया के दौरान ऐसे मतदाताओं को चिह्नित किया जा रहा है, जो भाजपा के समर्थक नहीं हैं और उनके नाम हटाने का प्रयास किया जा रहा है।
यह आरोप कांग्रेस विधायक का राजनीतिक दावा है। इसकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है। निर्वाचन आयोग की आधिकारिक प्रक्रिया के अनुसार मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और सुधार के लिए निर्धारित आवेदन एवं आपत्ति की व्यवस्था है।
अंबा प्रसाद ने कहा कि वास्तविक मतदाताओं के नाम हटने को लेकर सवाल उठ रहे हैं और बाद में उन्हें दोबारा आवेदन करने के लिए कहा जा रहा है, इसलिए एसआईआर की प्रक्रिया और उसके उद्देश्य को लेकर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।






