हजारीबाग, 28 सितंबर । शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 38 वर्षीय महिला की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टर और नर्स पर इलाज में लापरवाही बरतने तथा गलत इंजेक्शन देने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। परिजनों ने पूरे मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पेट दर्द और उल्टी की शिकायत पर कराया था भर्ती
मृतका की पहचान जयप्रकाश मार्ग निवासी मालती देवी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, 27 सितंबर को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत के बाद उनकी बेटी लक्ष्मी कुमारी उन्हें इलाज के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल लेकर पहुंची थी। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
परिजनों का आरोप है कि रात में मालती देवी को एक इंजेक्शन दिया गया। इंजेक्शन दिए जाने के करीब 20 मिनट बाद उनके मुंह से झाग निकलने लगा और उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई।
डॉक्टर की मौजूदगी नहीं होने का लगाया आरोप
मृतका की बेटी लक्ष्मी कुमारी ने आरोप लगाया कि इंजेक्शन दिए जाने के समय मौके पर डॉक्टर मौजूद नहीं थे। उनका कहना है कि नर्स ने इंजेक्शन के संबंध में परिजनों को कोई जानकारी नहीं दी। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्था और इलाज के तरीके को लेकर सवाल उठाए।
परिजनों का यह भी आरोप है कि सुबह के समय अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ मौजूद नहीं था और उन्हें इलाज से संबंधित प्रिस्क्रिप्शन भी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा था। इसके बाद उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के समक्ष अपनी शिकायत रखी और मामले की जांच की मांग की।
पुलिस में शिकायत की तैयारी
परिजनों ने मांग की है कि महिला की मौत के पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि इलाज में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। परिजनों ने बताया कि वे मामले को लेकर पुलिस में शिकायत करने की तैयारी कर रहे हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने कहा- जांच के बाद स्पष्ट होगी मौत की वजह
अस्पताल के डीएस डॉ. राजकिशोर ने परिजनों के आरोपों पर कहा कि महिला का इलाज नियमानुसार चल रहा था और उन्हें दिया गया इंजेक्शन भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दिया गया था। उन्होंने कहा कि फिलहाल मौत के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।
डीएस के मुताबिक, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही महिला की मौत के कारणों के संबंध में स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकेगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।






