JPSC-JSSC आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई के बाद बढ़ा सियासी टकराव, रांची बंद के दौरान कई इलाकों में सड़क जाम और विरोध प्रदर्शन

Share

रांची, 11 अगस्त: JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के विधानसभा घेराव के दौरान सोमवार को हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को बुलाए गए रांची बंद का असर राजधानी के कई इलाकों में दिखाई दे रहा है। सुबह से ही बंद समर्थक विभिन्न स्थानों पर सड़क पर उतर आए। कई जगह टायर जलाकर विरोध किया गया, जबकि कुछ स्थानों पर सड़क पर बैठकर वाहनों की आवाजाही रोकने की कोशिश की गई।

किशोरगंज, न्यूक्लियस मॉल, अरगोड़ा चौक, कांके रोड और धुर्वा समेत कई इलाकों से बंद समर्थकों के प्रदर्शन की तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं। बंद को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है।

किशोरगंज में BJP कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

रांची के किशोरगंज इलाके में भाजपा कार्यकर्ता बंद कराने के लिए सड़क पर उतरे। बंद समर्थकों ने दुकानों और प्रतिष्ठानों को बंद कराने की कोशिश की। किशोरगंज चौक पर प्रदर्शन के दौरान पुतला दहन भी किया गया। प्रदर्शनकारियों के सड़क पर बैठने से कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।

न्यूक्लियस मॉल के पास टायर जलाकर विरोध

न्यूक्लियस मॉल के पास बंद समर्थकों ने सड़क पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। टायर जलने से सड़क पर धुआं फैल गया और कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। मौके पर लोगों की भीड़ भी जुटी रही।

अरगोड़ा चौक पर सड़क पर बैठे समर्थक

अरगोड़ा चौक पर भी बंद समर्थकों ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया। व्यस्त मार्ग होने के कारण इसका सीधा असर यातायात पर पड़ा। सुबह के समय वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।

कांके रोड पर CMPDI गेट के पास जाम

कांके रोड स्थित CMPDI गेट के पास भी बंद समर्थकों ने सड़क जाम किया और टायर जलाकर विरोध जताया। राजधानी के प्रमुख मार्गों में शामिल कांके रोड पर प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।

धुर्वा के JP मार्केट में भी प्रदर्शन

धुर्वा स्थित JP मार्केट में भी बंद समर्थकों के सड़क पर उतरने की सूचना है। स्थानीय स्तर पर प्रदर्शन के कारण बाजार क्षेत्र की गतिविधियां प्रभावित हुईं। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

मुख्यमंत्री आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ी

रांची बंद को देखते हुए मुख्यमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सतर्क है।

आखिर क्यों बुलाया गया रांची बंद?

रांची बंद का सीधा संबंध JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के आंदोलन और सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई से है। 10 अगस्त को हजारों छात्र JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में विधानसभा घेराव के लिए निकले थे।

छात्रों की प्रमुख मांगों में JSSC-CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ियों पर कार्रवाई और भर्ती परीक्षाओं की कथित अनियमितताओं की CBI जांच शामिल है। विधानसभा की ओर बढ़ते प्रदर्शनकारियों ने कई बैरिकेड पार कर लिए थे। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। स्थिति बिगड़ने पर लाठीचार्ज भी किया गया।

पुलिस का कहना है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की और पुलिस पर पथराव की स्थिति बनी, जिसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी।

छात्र आंदोलन से राजनीतिक टकराव तक पहुंचा मामला

JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन पहले से जारी है। सरकार और छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के बीच कई दौर की बातचीत भी हुई, लेकिन JSSC-CGL और CBI जांच जैसे अहम मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी।

सोमवार की पुलिस कार्रवाई के बाद मामला और गरमा गया। भाजपा ने छात्रों के समर्थन में पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए रांची बंद का आह्वान किया। वहीं, विधानसभा मार्च के दौरान प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बीच कई लोगों के घायल होने की भी खबरें सामने आईं।

JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो, जो लंबे समय से भूख हड़ताल पर थे, की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

कई इलाकों में दिखा बंद का असर

सुबह से रांची के अलग-अलग हिस्सों में बंद का मिला-जुला असर देखने को मिला। किशोरगंज में प्रदर्शन और पुतला दहन, न्यूक्लियस मॉल के पास टायर जलाने, अरगोड़ा चौक पर सड़क पर बैठने और कांके रोड पर जाम के कारण यातायात प्रभावित हुआ। धुर्वा के JP मार्केट में भी बंद समर्थकों के प्रदर्शन की सूचना है।

हालांकि, सभी इलाकों में बंद का असर एक जैसा नहीं है। कुछ क्षेत्रों में सामान्य गतिविधियां जारी हैं, जबकि प्रदर्शन वाले मार्गों पर आवागमन प्रभावित हुआ है।

JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा विवाद अब छात्रों और सरकार के बीच बातचीत से आगे बढ़कर राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। सोमवार की पुलिस कार्रवाई के बाद भाजपा के विरोध और मंगलवार के बंद से सरकार पर दबाव और बढ़ गया है। अब नजर इस बात पर है कि सरकार छात्रों की लंबित मांगों पर क्या कदम उठाती है और दिन बढ़ने के साथ बंद का असर किस तरह बदलता है।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930