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CISF भर्ती में अग्निवीरों को 50% आरक्षण प्रस्ताव, बिना टेस्ट एंट्री की तैयारी, बिहार के युवाओं के लिए बड़ा मौका

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Bihar: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने CISF भर्ती को लेकर बड़ा प्रस्ताव तैयार किया है, जिसमें पूर्व अग्निवीरों के लिए 50 फीसदी सीटें आरक्षित करने की योजना है। अभी तक यह आरक्षण सिर्फ 10 प्रतिशत था, लेकिन नए प्रस्ताव के तहत इसे बढ़ाकर आधा करने की तैयारी चल रही है। हालांकि, इस पर अंतिम फैसला अभी बाकी है और इसे लागू करने से पहले सभी संबंधित पक्षों से सुझाव लिए जा रहे हैं।

इस प्रस्ताव की सबसे खास बात यह है कि पूर्व अग्निवीरों को भर्ती प्रक्रिया में बड़ी राहत मिल सकती है। जानकारी के मुताबिक, उन्हें लिखित परीक्षा, फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (PST) और फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) से छूट देने पर विचार किया जा रहा है। अगर यह लागू होता है, तो अग्निवीरों के लिए CISF में शामिल होना काफी आसान हो जाएगा।

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CISF की ओर से इस संबंध में एक सर्कुलर भी जारी किया गया है। इसमें बताया गया है कि भर्ती नियमों की हर पांच साल में समीक्षा की जाती है और उसी प्रक्रिया के तहत यह बदलाव प्रस्तावित है। फिलहाल संशोधित नियमों को स्टेकहोल्डर्स के पास भेजा गया है, जहां से फीडबैक मिलने के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

बिहार के युवाओं के लिए यह प्रस्ताव बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य के हजारों युवा अग्निपथ योजना के तहत सेना में शामिल हुए हैं या इसकी तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में चार साल की सेवा पूरी करने के बाद CISF में सीधी भर्ती का मौका उनके लिए करियर का बड़ा विकल्प बन सकता है। इससे युवाओं में उत्साह भी देखा जा रहा है।

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गौरतलब है कि 14 जून 2022 को शुरू हुई अग्निपथ योजना के तहत युवाओं को चार साल के लिए सेना में भर्ती किया जाता है, जिसमें केवल 25 प्रतिशत को स्थायी सेवा मिलती है। बाकी जवान सेवा पूरी करने के बाद बाहर आ जाते हैं। ऐसे में CISF जैसी अर्धसैनिक बलों में आरक्षण का प्रस्ताव उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

इसके अलावा, BSF पहले ही अग्निवीरों को 50 फीसदी आरक्षण देने की घोषणा कर चुका है। अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और राज्यों की पुलिस में भी उन्हें प्राथमिकता देने की चर्चा है, जिससे आने वाले समय में उनकी भागीदारी और बढ़ सकती है।

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