कम हो रहा स्टॉक मार्केट का क्रेज, 2025 में सुस्त रफ्तार से बढ़ी डीमैट खातों की संख्या

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नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार के प्रति नए निवेशकों के रुझान में पिछले साल के दौरान गिरावट का रुख नजर आया। साल 2025 में पिछले 6 सालों के दौरान देश में नए डीमैट खातों की संख्या में तुलनात्मक तौर पर सबसे कम बढ़ोतरी दर्ज की गई। साल 2025 के दौरान डीमैट खातों की कुल संख्या 21.59 करोड़ हो गई, जो साल 2024 के अंत में 18.53 करोड़ थी। इस तरह साल 2025 के दौरान नए डीमैट खातों की संख्या में 16.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं साल 2024 के दौरान 4.60 करोड़ नए डीमैट खाते खुले थे। 2024 के नए डीमैट खातों की ये संख्या 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाती है।

साल 2025 के दौरान नए डीमैट खाते के ग्रोथ में आई इस गिरावट के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर अर्थव्यवस्था के मोर्चे में हुए उतार चढ़ाव और भारतीय शेयर बाजार पर पड़े नकारात्मक असर को जिम्मेदार माना जा रहा है। आपको बता दें कि भारत में डीमैट खातों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। हर साल करोड़ों की संख्या में निवेशक नए डीमैट अकाउंट के जरिए स्टॉक मार्केट से जुड़ रहे हैं। ऐसे में साल 2025 के दौरान नए डीमैट खातों के खुलने की रफ्तार में आई कमी से बाजार के प्रति लोगों के नजरिए में आए ठहराव का एहसास होता है।

सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड (सीडीएसएल) और नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) के आंकड़ों के अनुसार पिछले साल जितने नए डीमैट खाते खुले, उनमें सबसे अधिक हिस्सेदारी सीडीएसएल की रही। पिछले साल के दौरान सीडीएसएल में 2.62 करोड़ नए डीमैट खाते खोले गए। इस तरह सीडीएसएल के कुल डीमैट खातों की संख्या 17.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 17.28 करोड़ के स्तर पर पहुंच गई। दूसरी ओर, साल 2025 के अंत तक एनएसडीएल में करीब 44 लाख नए डिमैट खाते खोले गए। इस तरह एनएसडीएल के कुल डीमैट खातों की संख्या 11.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 4.32 करोड़ के स्तर पर पहुंच गई।

सीडीएसएल और एनएसडीएल के डीमैट खातों की संख्या पर अगर नजर डालें, तो साल 2019 में डीमैट खातों की कुल संख्या 3.94 करोड़ थी, जो अगले साल 2020 में 26.40 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 4.98 करोड़ हो गई थी। इसके अगले साल 2021 में डीमैट खातों की संख्या में 3.08 करोड़ की वृद्धि हुई, जिससे सीडीएसएल और एनएसडीएल के कुल डीमैट खातों की संख्या 66.85 प्रतिशत उछल कर 8.06 करोड़ के स्तर पर पहुंच गई।

हालांकि 2022 से डीमैट खाते खुलने की अनुपातिक रफ्तार में कमी आने लगी। साल 2022 में डीमैट खातों की संख्या में 34.30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि 2023 में डीमैट खातों की संख्या में 28.50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसके बाद 2024 में डीमैट खातों की संख्या में 33 प्रतिशत की रफ्तार दर्ज की गई, जबकि 2025 में नए डीमैट खाता खुलने की रफ्तार 16.5 प्रतिशत के स्तर पर आ गई।

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