सीवान, 03 अक्टूबर । जिउतिया पर्व के अवसर पर शनिवार को हसनपुरा एमएच नगर थाना क्षेत्र के रामपुर गांव में दर्दनाक हादसा हो गया। गांव के पश्चिम स्थित पोखरे में स्नान करने गईं तीन किशोरियों की डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते पर्व की खुशियां मातम में बदल गईं।
घटना शनिवार शाम करीब चार बजे की बताई जा रही है। मृतकों में कमलेश साह की 12 वर्षीय पुत्री अंशु कुमारी, राजू साह की 13 वर्षीय पुत्री अंजली कुमारी और मनोज पड़ित की 12 वर्षीय पुत्री अनिशा कुमारी शामिल हैं।
जिउतिया स्नान के दौरान हुआ हादसा
बताया गया कि जिउतिया पर्व को लेकर गांव की महिलाएं अपने बच्चों और परिजनों के साथ पोखरे में स्नान करने पहुंची थीं। महिलाएं पर्व की रस्मों में व्यस्त थीं। इसी दौरान तीनों किशोरियां भी पोखरे में स्नान करने लगीं।
नहाने के दौरान अचानक एक किशोरी गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। उसे डूबता देख दोनों अन्य किशोरियां उसे बचाने के लिए उसकी ओर बढ़ीं। लेकिन पानी की गहराई का सही अंदाजा नहीं होने के कारण तीनों ही गहरे पानी में चली गईं।
तीनों के नहीं दिखने पर मची अफरातफरी
कुछ देर बाद जब तीनों किशोरियां दिखाई नहीं दीं तो परिजनों और आसपास मौजूद ग्रामीणों को अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद पोखरे के आसपास अफरातफरी मच गई।
ग्रामीणों ने तत्काल पोखरे में उतरकर तीनों की तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने एक-एक कर तीनों किशोरियों को पानी से बाहर निकाला।
निजी क्लीनिक में चिकित्सक ने मृत घोषित किया
पानी से बाहर निकाले जाने के बाद परिजन तीनों किशोरियों को आनन-फानन में हसनपुरा स्थित एक निजी क्लीनिक लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सक ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया।
तीनों की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए।
पोखरे की गहराई बढ़ने की बात सामने आई
ग्रामीणों के अनुसार, बरसात से पहले पोखरे में जेसीबी से खुदाई और जीर्णोद्धार का काम कराया गया था। इसके बाद बारिश के कारण पोखरे में काफी पानी जमा हो गया था।
ग्रामीणों का कहना है कि खुदाई के कारण पोखरे के कुछ हिस्सों में पहले की तुलना में गहराई काफी बढ़ गई थी। स्नान के दौरान किशोरियां इस गहराई का अनुमान नहीं लगा सकीं और हादसा हो गया।
जिउतिया के दिन गांव में पसरा मातम
एक साथ तीन बच्चियों की मौत की खबर फैलते ही रामपुर गांव में मातम पसर गया। जिन परिवारों में जिउतिया पर्व को लेकर तैयारियां चल रही थीं, वहां अचानक चीख-पुकार मच गई।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक का माहौल है और बड़ी संख्या में लोग पीड़ित परिवारों के घर पहुंचकर उन्हें ढांढस बंधा रहे हैं।
अंचलाधिकारी पहुंचे मौके पर
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय अंचलाधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी ग्रामीणों और परिजनों से प्राप्त की।
वहीं, पुलिस ने तीनों किशोरियों के शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना के कारणों और परिस्थितियों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
एक हादसे ने पर्व की खुशियां मातम में बदलीं
जिउतिया पर्व के दिन हुए इस हादसे से पूरा रामपुर गांव गहरे सदमे में है। एक किशोरी को बचाने के प्रयास में तीनों के गहरे पानी में चले जाने की घटना ने परिवारों को तोड़कर रख दिया है।
ग्रामीणों के अनुसार, पोखरे में बढ़ी गहराई और पानी की स्थिति को देखते हुए स्नान के दौरान अतिरिक्त सावधानी की जरूरत थी। हादसे के बाद गांव में सुरक्षा और पोखरे की स्थिति को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।






