गिरिडीह, 28 सितंबर। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने चुनाव प्रक्रिया और कथित ‘वोट चोरी’ को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर पलटवार किया है। गिरिडीह में सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में मरांडी ने कांग्रेस पर चुनाव प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैलाने और केंद्र सरकार को बदनाम करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस और विपक्ष की ओर से सवाल उठाने का सिलसिला नया नहीं है। उनके मुताबिक, अलग-अलग समय में ईवीएम, राफेल, फोन टैपिंग और अब ‘वोट चोरी’ जैसे मुद्दे उठाए गए हैं।
‘वोट चोरी’ के आरोपों पर कांग्रेस को घेरा
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दलों की ओर से लगाए जा रहे आरोपों का उद्देश्य जनता को भ्रमित करना है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने के बावजूद विपक्ष अपने आरोपों के समर्थन में पर्याप्त तथ्य सामने नहीं रख पाया है।
मरांडी ने कहा कि 2014 में केंद्र की सत्ता से बाहर होने के बाद कांग्रेस ने अलग-अलग मुद्दों के जरिए केंद्र सरकार और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अब ‘वोट चोरी’ को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं।
ईवीएम, राफेल और फोन टैपिंग का किया जिक्र
भाजपा नेता ने कहा कि विपक्ष ने पहले कभी ईवीएम को लेकर सवाल उठाए, कभी राफेल सौदे को मुद्दा बनाया और कभी फोन टैपिंग को लेकर आरोप लगाए। अब चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाया जा रहा है।
उन्होंने इन आरोपों को कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति बताते हुए कहा कि इससे जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है।
चुनाव आयोग के बयान का भी किया उल्लेख
मरांडी ने हाल में चुनाव आयोग के फैसलों को लेकर सामने आई एक रिपोर्ट के बाद उठे विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर विपक्ष ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए, जिसके बाद चुनाव आयोग ने अपनी स्थिति स्पष्ट की।
चुनाव आयोग ने 23 सितंबर को कहा था कि उसके सभी आधिकारिक निर्णय, जिनमें विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े निर्णय भी शामिल हैं, पूर्ण आयोग के सर्वसम्मत निर्णय के रूप में लिए गए हैं। आयोग ने यह भी कहा था कि आंतरिक विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग सुझाव या टिप्पणियां संस्थागत प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा हैं।
राहुल गांधी पर मरांडी का निशाना
बाबूलाल मरांडी ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस को अपने नेता के बयानों और गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी के बयानों से विपक्षी गठबंधन को राजनीतिक नुकसान हो सकता है।
उन्होंने कांग्रेस और इंडी गठबंधन के नेताओं से राहुल गांधी के बयानों को लेकर सावधानी बरतने की अपील की।
भारत की छवि को लेकर भी लगाए आरोप
मरांडी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी कई मौकों पर भारत की ताकत और विकास के साथ खड़े नजर नहीं आते। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कुछ बयान उन्हें देश के बाहर भारत की छवि को प्रभावित करने वाले प्रतीत होते हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ रुख दूसरे देशों के हितों के अनुरूप दिखाई देते हैं। ये आरोप बाबूलाल मरांडी के राजनीतिक बयान हैं और कांग्रेस की ओर से इन पर प्रतिक्रिया अलग हो सकती है।
चुनावी प्रक्रिया पर राजनीतिक बहस जारी
‘वोट चोरी’ और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने अपने निर्णयों को स्थापित कानूनी एवं संस्थागत प्रक्रियाओं के तहत लिया गया बताते हुए सभी आधिकारिक फैसलों को पूर्ण आयोग की मंजूरी प्राप्त होने की बात कही है।
इसी मुद्दे पर भाजपा नेताओं की ओर से कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया जा रहा है। बाबूलाल मरांडी ने भी कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए जनता से इन्हें गंभीरता से नहीं लेने की अपील की।






