किशनगंज, 24 सितंबर: जिले के जीरनगच्छ टोल प्लाजा के पास मवेशी लदे ट्रक को रोकने के बाद आवश्यक जांच-सत्यापन नहीं करने और कथित तौर पर अवैध वसूली कर वाहन को छोड़ने के मामले में पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने बड़ी कार्रवाई की है। एसपी ने पाठामारी थानाध्यक्ष गंगा प्रसाद गुप्ता, सहायक अवर निरीक्षक सुनील कुमार और चालक सिपाही पवन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
मामला 17/18 अगस्त की रात जीरनगच्छ टोल प्लाजा के पास का बताया गया है। पुलिस विभाग की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।
तीन पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने मामले की जांच रिपोर्ट के आधार पर पाठामारी थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है। निलंबित पुलिसकर्मियों में थानाध्यक्ष गंगा प्रसाद गुप्ता, सहायक अवर निरीक्षक सुनील कुमार और चालक सिपाही पवन कुमार शामिल हैं।
एसपी की कार्रवाई के बाद विभागीय स्तर पर मामले में आगे की प्रक्रिया भी जारी रहने की संभावना है।
मवेशी लदे ट्रक की नहीं की गई समुचित जांच
मामले में आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने मवेशी लदे एक ट्रक को रोकने के बाद वाहन और उसमें मौजूद मवेशियों से संबंधित आवश्यक कागजातों की समुचित जांच नहीं की।
आरोप यह भी है कि घटना की जानकारी संबंधित वरीय अधिकारियों को नहीं दी गई। इसके बाद ट्रक को कथित रूप से अवैध वसूली के बाद छोड़ दिया गया।
एसडीपीओ-2 ने की मामले की जांच
शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर एसडीपीओ-2 को मामले की जांच की जिम्मेदारी दी गई थी। जांच के दौरान घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की गई।
जांच पूरी होने के बाद एसडीपीओ-2 ने अपनी रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक को सौंप दी। रिपोर्ट में ट्रक को कथित रूप से अवैध वसूली के बाद छोड़ने से संबंधित तथ्य सामने आने के बाद एसपी ने तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की।
विभागीय कार्रवाई भी संभव
निलंबन के बाद अब मामले में विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई भी जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा सकती है। पुलिस विभाग घटना से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य तथ्यों की समीक्षा कर सकता है।
तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ की गई कार्रवाई से वाहन जांच और पुलिसकर्मियों की ड्यूटी के दौरान पारदर्शिता को लेकर विभागीय स्तर पर भी सतर्कता बढ़ने की उम्मीद है।
एनएच-327ई पर वाहन जांच को लेकर उठे सवाल
इस कार्रवाई के बाद एनएच-327ई पर पुलिस की वाहन जांच व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जीरनगच्छ टोल प्लाजा के आसपास पाठामारी पुलिस की ओर से पहले शराब की कई खेप पकड़े जाने की कार्रवाई की जा चुकी है।
ऐसे में नियमित वाहन जांच के दौरान वाहनों और उनके सामान की जांच किस स्तर तक की जाती है, इसको लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।
पुराने जांच और जब्ती रिकॉर्ड की हो सकती है समीक्षा
तीन पुलिसकर्मियों के निलंबन के बाद जीरनगच्छ टोल प्लाजा और आसपास के क्षेत्र में पूर्व में हुई वाहन जांच, जब्ती और पुलिस कार्रवाई के रिकॉर्ड की समीक्षा पर भी नजर है।
पुराने मामलों के रिकॉर्ड की जांच से यह स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है कि संबंधित स्थानों पर वाहन जांच के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का कितना पालन किया गया।
सीसीटीवी फुटेज की जांच से मिल सकते हैं अहम सुराग
घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि के लिए टोल प्लाजा और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। फुटेज की जांच से ट्रक के आने-जाने, पुलिस की कार्रवाई और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी मिल सकती है।
फिलहाल पुलिस विभाग की कार्रवाई के बाद मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित विभागीय कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।






