पटना, 23 सितंबर । बिहार में दारोगा भर्ती परीक्षा को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (बीपीएसएससी) ने 1799 पदों पर नियुक्ति के लिए 27 मई 2026 को दो पालियों में आयोजित मुख्य लिखित परीक्षा को रद्द कर दिया है। आयोग ने बुधवार को इससे संबंधित आधिकारिक सूचना जारी की। अब इन पदों पर नियुक्ति के लिए मुख्य लिखित परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी। नई परीक्षा की तिथि की घोषणा बाद में अलग से की जाएगी।
1799 पदों के लिए फिर होगी मुख्य परीक्षा
बीपीएसएससी के परीक्षा रद्द करने के फैसले के बाद अब इस भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सभी संबंधित अभ्यर्थियों को दोबारा मुख्य लिखित परीक्षा में शामिल होना होगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि नई परीक्षा के लिए तारीख और विस्तृत कार्यक्रम अलग से जारी किया जाएगा।
इस फैसले के बाद उन अभ्यर्थियों को भी दोबारा परीक्षा देनी होगी, जिन्हें पहले आयोजित मुख्य परीक्षा में सफल घोषित किया गया था।
27 मई को दो पालियों में हुई थी परीक्षा
बीपीएसएससी की ओर से 1799 दारोगा पदों पर नियुक्ति के लिए मुख्य लिखित परीक्षा 27 मई 2026 को दो पालियों में आयोजित की गई थी। परीक्षा समाप्त होने के बाद सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र और ओएमआर शीट से संबंधित तस्वीरें और अन्य सामग्री सामने आने लगी थीं।
अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र से ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी बाहर ले जाने की अनुमति नहीं थी। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर प्रश्न और ओएमआर शीट से जुड़ी सामग्री सामने आने के बाद परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे थे।
10,759 अभ्यर्थियों को घोषित किया गया था सफल
आयोग ने 19 जून को मुख्य लिखित परीक्षा का परिणाम जारी किया था। परिणाम में कुल 10,759 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया था।
परिणाम जारी होने के बाद कथित परीक्षा गड़बड़ी और प्रश्नपत्र एवं ओएमआर शीट से संबंधित सामग्री सोशल मीडिया पर सामने आने के मामले को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध तेज हो गया। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने की मांग शुरू कर दी थी।
पटना समेत कई जगहों पर हुआ आंदोलन
परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर पटना सहित राज्य के कई हिस्सों में अभ्यर्थियों ने आंदोलन किया। राजधानी के गर्दनीबाग धरनास्थल पर भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी धरने पर बैठे थे।
आंदोलन के दौरान कई अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर आमरण अनशन भी शुरू किया था। अभ्यर्थी परीक्षा की पारदर्शिता पर उठे सवालों के बीच दोबारा परीक्षा कराने की मांग कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने जांच कमेटी के दिए थे निर्देश
अभ्यर्थियों के आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित करने और जांच के आधार पर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे अभ्यर्थियों ने अपना अनशन समाप्त कर दिया था।
ईओयू भी कर रही थी मामले की जांच
परीक्षा में कथित गड़बड़ी और सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र तथा ओएमआर शीट से संबंधित सामग्री सामने आने के मामले की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) भी जांच कर रही थी।
अब बीपीएसएससी की ओर से मुख्य लिखित परीक्षा रद्द किए जाने के बाद भर्ती प्रक्रिया नए सिरे से मुख्य परीक्षा के चरण में पहुंचेगी। 1799 पदों पर नियुक्ति के लिए दोबारा मुख्य लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी, जबकि नई परीक्षा की तिथि और कार्यक्रम की जानकारी आयोग बाद में जारी करेगा।






