बेटी के हाथ पीले करने का अरमान रह गया अधूरा, दीपिका सिंह ने सुनाया सुदिव्य सोनू से आखिरी बातचीत का भावुक प्रसंग

Share

रांची/गिरिडीह: झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन से पूरा झारखंड स्तब्ध है। राजनीतिक सहयोगियों से लेकर समर्थकों और परिवार के लोगों तक, हर कोई उनसे जुड़ी यादों को साझा कर रहा है। इसी बीच राज्य सरकार की मंत्री दीपिका सिंह ने सुदिव्य सोनू से हुई हालिया बातचीत का एक बेहद भावुक प्रसंग साझा किया है।

बेटी की शादी को लेकर कर रहे थे बात

दीपिका सिंह ने बताया कि सुदिव्य कुमार सोनू से हाल में ही उनकी बातचीत हुई थी। इस दौरान उन्होंने अपनी बेटी की शादी को लेकर चर्चा की थी। सोनू ने कहा था कि “बिटिया का विवाह करना है।”

बेटी की शादी को लेकर उनके मन में कई योजनाएं थीं। एक पिता के तौर पर वह बेटी के विवाह और भविष्य को लेकर उत्साहित थे। लेकिन किसे पता था कि बेटी के हाथ पीले करने की उनकी यह इच्छा अधूरी ही रह जाएगी। अचानक उनके निधन ने परिवार और करीबियों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

‘सुबह-सुबह यह खबर सुनना बेहद पीड़ादायक’

रविवार सुबह सुदिव्य कुमार सोनू के निधन की खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री दीपिका सिंह भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि सुबह-सुबह ऐसी खबर सुनना बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि झारखंड ने एक अच्छे व्यक्तित्व, कर्मठ जनप्रतिनिधि और समर्पित राजनीतिक कार्यकर्ता को खो दिया है।

दीपिका सिंह के मुताबिक, सुदिव्य सोनू से उनका संवाद केवल राजनीतिक विषयों तक सीमित नहीं था। राजनीतिक मुद्दों के साथ-साथ व्यक्तिगत और पारिवारिक विषयों पर भी बातचीत होती थी। इसी दौरान बेटी की शादी का जिक्र भी हुआ था।

राजनीतिक रिश्ते से आगे था आत्मीय जुड़ाव

दीपिका सिंह ने सुदिव्य सोनू को याद करते हुए कहा कि उनके साथ आत्मीय संबंध था। बातचीत में परिवार और निजी जीवन की बातें भी सहजता से होती थीं। ऐसे में बेटी की शादी को लेकर हुई बातचीत अब उनके लिए एक भावुक स्मृति बन गई है।

सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहने वाले सुदिव्य सोनू अपने परिवार और बच्चों को लेकर भी कई सपने संजोए हुए थे। बेटी की शादी कर उसे विदा करने की इच्छा उनके उन्हीं सपनों का हिस्सा थी, जो उनके अचानक निधन के साथ अधूरे रह गए।

कार्यकर्ता से मंत्री तक का सफर अचानक थमा

सुदिव्य कुमार सोनू ने लंबे राजनीतिक संघर्ष के बाद झारखंड की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। झारखंड मुक्ति मोर्चा से जुड़े रहकर उन्होंने संगठन में लंबे समय तक काम किया। गिरिडीह की राजनीति में सक्रिय रहते हुए वह विधायक बने और बाद में झारखंड सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी संभाली।

कार्यकर्ता से मंत्री तक का उनका सफर संघर्ष और जनसरोकारों से जुड़ा रहा। उनके अचानक निधन ने उनके राजनीतिक सफर को बीच में ही रोक दिया।

‘राज्य ने एक अच्छा व्यक्तित्व खो दिया’

दीपिका सिंह ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू का निधन सिर्फ उनके परिवार और पार्टी के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में एक सक्रिय मंत्री और जनप्रतिनिधि का इस तरह अचानक चले जाना बेहद स्तब्ध करने वाला है।

बेटी की शादी को लेकर सुदिव्य सोनू की कही बात अब उनके परिवार और करीबियों के लिए एक ऐसी याद बन गई है, जो शायद हमेशा भावुक करती रहेगी। जिस बेटी की शादी की तैयारियों के सपने एक पिता देख रहा था, उसे पूरा करने का अरमान अब अधूरा रह गया।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930