किशनगंज, 03 सितंबर । केंद्र सरकार दिल्ली से गुवाहाटी तक रेल नेटवर्क को मल्टी-ट्रैकिंग के जरिए मजबूत करने की दिशा में बड़ी योजना पर काम कर रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना में बिहार का सीमांचल क्षेत्र एक महत्वपूर्ण कनेक्टिंग लिंक के रूप में उभर रहा है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा साझा किए गए रूट मैप के अनुसार, नई रेल लाइनों और मौजूदा लाइनों के दोहरीकरण से किशनगंज समेत सीमांचल के रेल नेटवर्क को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली से गुवाहाटी तक बनेगा मजबूत रेल कॉरिडोर
प्रस्तावित नेटवर्क दिल्ली से गोरखपुर होते हुए नरकटियागंज, रक्सौल, सीतामढ़ी, सरायगढ़ और अररिया से आगे न्यू जलपाईगुड़ी (एनजेपी) होते हुए गुवाहाटी तक जाएगा। इस नेटवर्क के विकसित होने से सीमांचल की दिल्ली और पूर्वोत्तर भारत के बीच रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
इसका सबसे बड़ा असर ठाकुरगंज क्षेत्र पर पड़ने की संभावना है। विभिन्न रेल परियोजनाओं के आपस में जुड़ने के बाद ठाकुरगंज भविष्य में दिल्ली-पूर्वोत्तर रेल नेटवर्क के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है।
अररिया-गलगलिया रेल परियोजना को मिलेगा विस्तार
सीमांचल में रेलवे की क्षमता बढ़ाने के लिए कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। अररिया-गलगलिया रेल लाइन के तहत अररिया से ठाकुरगंज की दिशा में सिंगल रेल लाइन का संपर्क विकसित हो चुका है। भविष्य की यातायात जरूरतों को देखते हुए इसके दोहरीकरण की दिशा में भी कदम बढ़ाए गए हैं।
किशनगंज जिला प्रशासन ने इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रारंभिक अधिसूचना जारी की है। दोहरीकरण होने से इस मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही की क्षमता बढ़ेगी।
अलुआबाड़ी रोड-ठाकुरगंज के बीच 19.95 किमी दोहरीकरण
अलुआबाड़ी रोड से ठाकुरगंज के बीच 19.95 किलोमीटर रेलखंड के दोहरीकरण को पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद रेल मार्ग की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे यात्री ट्रेनों के साथ-साथ मालगाड़ियों की आवाजाही को भी बेहतर करने में मदद मिलेगी।
ठाकुरगंज-सिलीगुड़ी रेलखंड भी होगा डबल
ठाकुरगंज से सिलीगुड़ी के बीच 56.41 किलोमीटर लंबे रेलखंड के दोहरीकरण की योजना भी इस नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण है। इसके पूरा होने से उत्तर बंगाल और सीमांचल के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा और दिल्ली-गुवाहाटी कॉरिडोर को अतिरिक्त क्षमता मिलेगी।
ठाकुरगंज-चतरहाट के बीच नई ब्रॉडगेज लाइन की तैयारी
किशनगंज जिले में ठाकुरगंज से चतरहाट के बीच 24.40 किलोमीटर लंबी नई ब्रॉडगेज रेल लाइन विकसित करने की दिशा में भी काम चल रहा है। इसके लिए फाइनल लोकेशन सर्वे और मिट्टी जांच का काम तेजी से किया जा रहा है।
चतरहाट पहले से ही अलुआबाड़ी रोड-न्यू जलपाईगुड़ी रेलखंड पर स्थित है। ऐसे में ठाकुरगंज-चतरहाट नई रेल लाइन बनने से अररिया और ठाकुरगंज क्षेत्र को न्यू जलपाईगुड़ी से जोड़ने वाला वैकल्पिक मार्ग तैयार हो सकता है।
अलुआबाड़ी रोड-एनजेपी के बीच तीसरी-चौथी लाइन को मंजूरी
अलुआबाड़ी रोड से न्यू जलपाईगुड़ी के बीच करीब 57 किलोमीटर लंबी तीसरी-चौथी लाइन परियोजना को भी मंजूरी मिल चुकी है। नई और अतिरिक्त रेल लाइनों के निर्माण से इस पूरे क्षेत्र का रेल नेटवर्क अधिक क्षमता वाला और बहुआयामी हो सकेगा।
ठाकुरगंज के प्रमुख जंक्शन बनने की उम्मीद
अररिया-ठाकुरगंज-चतरहाट-न्यू जलपाईगुड़ी रेल कनेक्शन विकसित होने के बाद ठाकुरगंज की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो सकती है। यह क्षेत्र मौजूदा रेल नेटवर्क के साथ नए मार्गों को जोड़ने वाले प्रमुख जंक्शन के रूप में उभर सकता है।
इससे दिल्ली-गुवाहाटी कॉरिडोर पर यात्री और माल परिवहन के लिए एक अतिरिक्त एवं वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा। लंबी दूरी की ट्रेनों के परिचालन और माल ढुलाई की क्षमता बढ़ाने में भी इसका फायदा मिलने की उम्मीद है।
व्यापार और सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण
रेल नेटवर्क के विस्तार का लाभ किशनगंज और सीमांचल के व्यापारिक क्षेत्रों को भी मिलने की उम्मीद है। नेपाल सीमा के निकट होने के कारण बेहतर रेल कनेक्टिविटी से सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
सामरिक दृष्टि से भी क्षेत्र में बेहतर रेल बुनियादी ढांचा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई रेल लाइनों और दोहरीकरण परियोजनाओं के पूरा होने के बाद सीमांचल का रेल नेटवर्क पूर्वोत्तर भारत के लिए एक मजबूत कनेक्टिंग कॉरिडोर के रूप में विकसित हो सकता है।






