जमशेदपुर, 02 सितंबर। झारखंड में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने मंगलवार को जमशेदपुर के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि बेंगलुरु, केरल और तमिलनाडु से करीब 2,000 विशेषज्ञ डॉक्टरों को झारखंड लाकर विभिन्न अस्पतालों में तैनात किया जाएगा। सरकार इन विशेषज्ञ डॉक्टरों को प्रति डॉक्टर तीन लाख रुपये तक मासिक वेतन देने की तैयारी कर रही है। मंत्री के अनुसार, डॉक्टरों को राज्य में लाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने पर जोर
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए कैबिनेट में फैसला लिया गया है। इसके तहत दक्षिण भारत के राज्यों से विशेषज्ञ डॉक्टरों को झारखंड लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि बेंगलुरु, केरल और तमिलनाडु में विशेषज्ञ डॉक्टरों का वेतन अपेक्षाकृत कम है, जबकि झारखंड सरकार उन्हें बेहतर वेतन देने के लिए तैयार है।
मंत्री ने कहा कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ने से सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर और विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।
जमशेदपुर को मेडिकल हब बनाने की तैयारी
इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार जमशेदपुर को मेडिकल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, सदर अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि एमजीएम समेत सरकारी अस्पतालों में जल्द ही सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से टेंडर भी जारी किया जा चुका है।
एमजीएम में बढ़ेंगी पीजी और एमबीबीएस की सीटें
स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, एमजीएम मेडिकल कॉलेज में पीजी की सीटों की संख्या बढ़ाकर 150 और एमबीबीएस की सीटें बढ़ाकर 250 करने की तैयारी है। कॉलेज में आवश्यक उपकरण और सुविधाएं विकसित करने के लिए करीब 600 करोड़ रुपये का फंड दिया जा रहा है।
लिफ्ट और वेंटिलेटर की समस्या जल्द होगी दूर
एमजीएम अस्पताल में लिफ्ट की समस्या को लेकर भी मंत्री ने जल्द समाधान का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों के उपलब्ध नहीं रहने के कारण दो लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। इस मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि एमजीएम अस्पताल में मरीजों को इलाज से जुड़ी सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। अस्पताल में वेंटिलेटर की कमी पर उन्होंने बताया कि इतने बड़े अस्पताल में फिलहाल सिर्फ एक वेंटिलेटर उपलब्ध है। जल्द ही एमजीएम को अतिरिक्त वेंटिलेटर उपलब्ध कराए जाएंगे। रांची लौटने के बाद इसकी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मलेरिया के दौरान 100 डॉक्टरों को किया गया था तैनात
मंत्री ने बताया कि जमशेदपुर में मलेरिया के प्रकोप के दौरान एमजीएम अस्पताल में पढ़ाई कर रहे करीब 100 डॉक्टरों को एक साथ अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया था। इससे मलेरिया के प्रसार को नियंत्रित करने में मदद मिली।
डिजिटल हेल्थ में एआई के इस्तेमाल की तैयारी
स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल बनाने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है। मंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग और गूगल के बीच हुए एमओयू के तहत डिजिटल हेल्थ सिस्टम विकसित किया जाएगा। इसे पूरे राज्य में लागू करने की योजना है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इस्तेमाल को भी बढ़ावा दिया जाएगा। मंत्री ने रांची में निर्माणाधीन रिम्स-2 को झारखंड के लोगों के लिए वरदान बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को आधुनिक बनाने के साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करना है।






