नई दिल्ली, 19 अगस्त । केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण बुधवार को दो दिवसीय सिंगापुर दौरे पर पहुंचीं। वह यहां चौथी भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज बैठक (आईएसएमआर) में शामिल होंगी। यह बैठक 20 अगस्त को आयोजित की जाएगी। बैठक का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करना है।
सीतारमण के साथ वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भी सिंगापुर पहुंचे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को विस्तार देने के लिहाज से इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चांगी एयरपोर्ट पर हुआ स्वागत
वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी पोस्ट में बताया कि सिंगापुर के चांगी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का स्वागत भारत में सिंगापुर के हाई कमिश्नर साइमन वोंग और सिंगापुर में भारत के हाई कमिश्नर डॉ. शिल्पाक अंबुले ने किया।
मंत्रालय के अनुसार, सीतारमण और पीयूष गोयल दक्षिण-पूर्व एशिया के प्रमुख वित्तीय केंद्र सिंगापुर के साथ भारत के आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के उद्देश्य से उच्चस्तरीय बातचीत में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे हैं।
कई वरिष्ठ मंत्री प्रतिनिधिमंडल में शामिल
चौथी भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज बैठक के लिए सीतारमण एक उच्चस्तरीय मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रही हैं। इस प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी और वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री जितिन प्रसाद शामिल हैं।
बैठक में दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श होने की उम्मीद है। भारत और सिंगापुर के बीच लंबे समय से मजबूत आर्थिक और कारोबारी संबंध रहे हैं तथा सिंगापुर भारत के प्रमुख निवेश एवं व्यापारिक साझेदारों में शामिल है।
आर्थिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर
भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज बैठक दोनों देशों के बीच नियमित उच्चस्तरीय आर्थिक संवाद का महत्वपूर्ण मंच है। इसके जरिए दोनों पक्ष निवेश, व्यापार और आर्थिक सहयोग से जुड़े अवसरों तथा चुनौतियों पर चर्चा करते हैं।
वित्त मंत्री सीतारमण की इस यात्रा को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब भारत दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ आर्थिक संबंधों को और व्यापक बनाने पर जोर दे रहा है। सिंगापुर क्षेत्र का प्रमुख वित्तीय और कारोबारी केंद्र होने के साथ भारत के लिए महत्वपूर्ण निवेश साझेदार भी है।
20 अगस्त को होगी मुख्य बैठक
चौथी भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज बैठक 20 अगस्त को होगी। दो दिवसीय दौरे के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल सिंगापुर के साथ आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और भविष्य में सहयोग के नए क्षेत्रों की संभावनाओं पर चर्चा करेगा।
इस उच्चस्तरीय बैठक में वित्त, व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी समेत आर्थिक साझेदारी से जुड़े मुद्दों पर बातचीत भारत-सिंगापुर संबंधों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।






