सीवान, 07 अगस्त — आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। ईओयू की टीम ने जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, सहरसा में पदस्थापित कार्यक्रम पदाधिकारी अजीत अमर के पैतृक मकान समेत चार ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान सीवान के दरौंदा थाना क्षेत्र स्थित रैनी गांव के पैतृक आवास से करीब 40.05 लाख रुपये मूल्य के आभूषण बरामद किए गए।
चार ठिकानों पर हुई तलाशी
ईओयू की टीम ने रैनी गांव स्थित पैतृक मकान, छपरा स्थित सरकारी आवास समेत चार स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। देर शाम तक जांच की कार्रवाई जारी रही। ईओयू थाना कांड संख्या 17/26 के तहत अजीत अमर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
ज्ञात आय से 72 फीसदी अधिक संपत्ति का आरोप
ईओयू के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सरकारी सेवा से प्राप्त ज्ञात आय की तुलना में करीब 72.35 प्रतिशत अधिक परिसंपत्ति अर्जित करने के साक्ष्य मिले हैं। अधिकारियों के मुताबिक, बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों की जांच की जा रही है।
भव्य मकान और निर्माण से जुड़े दस्तावेज बरामद
रैनी गांव स्थित पैतृक जमीन पर बने मकान की तलाशी के दौरान अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। ईओयू के अनुसार मकान काफी भव्य और आलीशान है। तलाशी में मकान निर्माण और साज-सज्जा से जुड़े करीब 30 बिल मिले हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर निर्माण में खर्च हुई वास्तविक राशि का तकनीकी मूल्यांकन कराया जाएगा।
पत्नी के नाम छह बीघा से अधिक जमीन के कागजात मिले
ईओयू के अनुसार, छपरा स्थित सरकारी आवास की तलाशी में अजीत अमर की पत्नी पूजा कुमारी के नाम पर सारण जिले के एकमा थाना क्षेत्र के परसागढ़ मौजा में खरीदी गई 6 बीघा 9 कट्ठा 8 धूर जमीन के दस्तावेज मिले हैं।
इसके अलावा महिंद्रा स्कॉर्पियो क्लासिक और यामाहा एफजेड मोटरसाइकिल से जुड़े कागजात भी बरामद किए गए हैं। तलाशी के दौरान वर्ष 2023 से 2025 के बीच तनिष्क समेत अन्य आभूषण विक्रेताओं से खरीदे गए करीब 27 लाख रुपये के आभूषणों की रसीदें भी मिलने की बात कही गई है।

बैंक खाते और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की जांच जारी
ईओयू ने बताया कि अजीत अमर और उनकी पत्नी के नाम पर चार बैंक खातों की जानकारी तथा निवेश से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। इनकी जांच के बाद संपत्ति और निवेश के स्रोत का पता लगाया जाएगा।
साढ़े चार साल की सेवा में बढ़ी संपत्ति पर जांच
ईओयू के अनुसार, अजीत अमर 4 फरवरी 2022 को बिहार सरकार की सेवा में आए थे। करीब साढ़े चार वर्ष की सेवा अवधि में वेतन से लगभग 38 लाख रुपये की आय हुई, जबकि इस दौरान अर्जित संपत्तियों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर आय से अधिक संपत्ति की राशि बढ़ सकती है।
मामले की जानकारी शिक्षा विभाग को भी दी जा रही है। बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों का विस्तृत सत्यापन जारी है।






