हजारीबाग, 28 जुलाई। सावन के पावन महीने में हजारीबाग और आसपास के जिलों के शिवभक्तों के लिए राहत भरी खबर है। बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए रेलवे ने रांची-भागलपुर श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन (08646/08645) का परिचालन शुरू कर दिया है। इस विशेष ट्रेन से श्रद्धालुओं को अब पहले की तुलना में अधिक सुगम और सुविधाजनक यात्रा की सुविधा मिलेगी।
श्रावण मास में दोनों दिशाओं में लगाएगी 14-14 फेरे
रेलवे की ओर से जारी समय-सारणी के अनुसार, ट्रेन संख्या 08646 रांची से भागलपुर के लिए प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को 27 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक संचालित होगी। वहीं, ट्रेन संख्या 08645 भागलपुर से रांची के लिए प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को 28 जुलाई से 12 सितंबर 2026 तक चलेगी। श्रावण मास के दौरान यह स्पेशल ट्रेन दोनों दिशाओं में कुल 14-14 फेरे लगाएगी।
हजारीबाग समेत कई प्रमुख स्टेशनों पर होगा ठहराव
यह ट्रेन रांची, मुरी, बरकाकाना, हजारीबाग टाउन, तिलैया, कोडरमा, गयाजी जंक्शन और सुल्तानगंज सहित कई प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी। इससे हजारीबाग के अलावा रामगढ़, कोडरमा और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं को भी सीधा लाभ मिलेगा। अब उन्हें बाबा बैद्यनाथ धाम जाने के लिए बार-बार ट्रेन बदलने या सड़क मार्ग पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होगी।
तीन वर्षों की मांग के बाद शुरू हुई सेवा
हजारीबाग से हर वर्ष हजारों श्रद्धालु सावन में बाबा बैद्यनाथ धाम जलाभिषेक के लिए जाते हैं। सीधी रेल सेवा नहीं होने के कारण अधिकांश लोगों को बसों या निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता था। इस समस्या को लेकर भाजपा नेत्री शेफाली गुप्ता पिछले तीन वर्षों से रेल मंत्रालय के समक्ष श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग उठाती रही थीं। उनके प्रयासों के बाद इस सेवा की शुरुआत संभव हो सकी।
पहले दिन कम रही भीड़, आगे बढ़ने की उम्मीद
परिचालन के पहले दिन ट्रेन में अपेक्षाकृत कम भीड़ देखने को मिली। हालांकि, रेलवे अधिकारियों का मानना है कि सावन के प्रमुख दिनों में यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
वहीं, श्रद्धालुओं ने मांग की है कि इस सेवा को केवल श्रावण मास तक सीमित न रखा जाए, बल्कि पूरे वर्ष नियमित ट्रेन के रूप में संचालित किया जाए।
इस बार 20 कोच के साथ चल रही है ट्रेन
श्रद्धालुओं की संभावित संख्या को देखते हुए रेलवे ने इस बार स्पेशल ट्रेन में छह अतिरिक्त कोच जोड़े हैं। पहले यह ट्रेन 14 कोच के साथ संचालित होती थी, जबकि अब इसे 20 कोच के साथ चलाया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को यात्रा की सुविधा मिल सके।






