—अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से पेश होकर देनी होगी जांच की जानकारी
रांची, 27 जुलाई। बोकारो की लापता युवती मामले में झारखंड उच्च न्यायालय ने सोमवार को सुनवाई करते हुए जांच की प्रगति पर गंभीर चिंता जताई। अदालत ने मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जांच की स्थिति और आगे की कार्ययोजना की जानकारी देने का निर्देश दिया है।
सीआईडी और सीबीआई ने पेश की जांच की अद्यतन रिपोर्ट
सुनवाई के दौरान सीआईडी और सीबीआई की ओर से अदालत के समक्ष जांच की मौजूदा स्थिति प्रस्तुत की गई। खंडपीठ ने अब तक जुटाए गए साक्ष्यों, जांच एजेंसियों द्वारा उठाए गए कदमों और मामले में हुई प्रगति की समीक्षा की।
अदालत ने सवाल किया कि अब तक युवती का पता क्यों नहीं चल पाया है और जांच को निष्कर्ष तक पहुंचाने के लिए एजेंसियां आगे क्या रणनीति अपना रही हैं।
अदालत ने मांगा स्पष्ट जवाब
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट ने सीबीआई के एसपी को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया। उन्हें जांच की प्रगति, सामने आए तथ्यों और आगे की कार्रवाई की रूपरेखा अदालत के समक्ष रखने को कहा गया है।
मंगलवार को होगी अगली सुनवाई
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सुजीत नारायण और न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की खंडपीठ में हुई। अदालत ने मामले को मंगलवार के लिए पुन: सूचीबद्ध कर दिया है।
पहले भी जांच की धीमी गति पर कोर्ट जता चुका है नाराजगी
गौरतलब है कि बोकारो की लापता युवती का मामला लंबे समय से झारखंड हाई कोर्ट की निगरानी में है। इससे पहले भी अदालत जांच की धीमी प्रगति को लेकर चिंता जता चुकी है और सीबीआई तथा सीआईडी को आपसी समन्वय के साथ प्रभावी जांच करने का निर्देश दे चुकी है। सोमवार को सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारी को तलब करने का आदेश भी इसी सिलसिले में देखा जा रहा है।






