नई दिल्ली, 25 जुलाई । भारत को अमेरिका की नई व्यापारिक शुल्क व्यवस्था में आंशिक राहत मिली है। केंद्र सरकार ने शनिवार को बताया कि अमेरिका ने कथित बंधुआ मजदूरी से जुड़े मामलों में अमेरिकी व्यापार अधिनियम, 1974 की धारा 301 के तहत भारत को अतिरिक्त 10 फीसदी शुल्क की निचली श्रेणी में रखा है। इसके चलते भारत का करीब 45 फीसदी निर्यात इस अतिरिक्त शुल्क के दायरे से बाहर रहेगा।
यूएसटीआर ने 23 जुलाई को की थी घोषणा
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) के कार्यालय ने 23 जुलाई को धारा 301 के तहत कई देशों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की घोषणा की थी। यह फैसला बंधुआ मजदूरी से उत्पादित वस्तुओं के आयात और उससे जुड़े अनुपालन की समीक्षा के बाद लिया गया है।
प्रस्तावित 12.5% के बजाय लगा 10% अतिरिक्त शुल्क
मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका ने शुरुआत में भारत पर 12.5 फीसदी अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन अंतिम निर्णय में इसे घटाकर 10 फीसदी कर दिया गया। यह भारत के लिए अपेक्षाकृत राहत भरा कदम माना जा रहा है।
इन उत्पादों पर नहीं लगेगा अतिरिक्त शुल्क
सरकार ने बताया कि अमेरिका को भारत के कई प्रमुख निर्यात उत्पाद अतिरिक्त 10 फीसदी शुल्क से मुक्त रहेंगे। इनमें शामिल हैं—
- जेनेरिक दवाएं
- स्मार्टफोन
- कुछ अन्य निर्दिष्ट उत्पाद
इसके अलावा, धारा 232 के तहत पहले से शुल्क के दायरे में आने वाले इस्पात, एल्युमिनियम और वाहन कलपुर्जे भी इस नए अतिरिक्त 10 फीसदी शुल्क के अधीन नहीं होंगे।
45% निर्यात रहेगा शुल्क से मुक्त
वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, इन छूटों के कारण अमेरिका को होने वाले भारत के लगभग 45 फीसदी निर्यात पर अतिरिक्त 10 फीसदी शुल्क लागू नहीं होगा। वहीं शेष 55 फीसदी निर्यात पर यह अतिरिक्त शुल्क लगेगा।
हालांकि मंत्रालय का कहना है कि जांच में शामिल अधिकांश अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में भारत पर इस शुल्क का प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहेगा।
वस्त्र क्षेत्र पर फैसला अभी बाकी
मंत्रालय ने बताया कि अंतिम उपायों में प्रस्तावित वस्त्र-विशिष्ट व्यवस्था अभी लागू नहीं की गई है। इस विषय पर भारत और अमेरिका के बीच जारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) की वार्ता के दौरान चर्चा चल रही है।
व्यापार समझौते को जल्द पूरा करने पर जोर
केंद्र सरकार ने कहा कि वह 2 फरवरी को घोषित और 7 फरवरी को जारी संयुक्त बयान के अनुरूप भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने के लिए अमेरिका के साथ लगातार काम कर रही है। मंत्रालय ने भरोसा जताया कि वार्ता के माध्यम से दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को और मजबूत किया जाएगा।






