तेहरान/वाशिंगटन, 13 जुलाई — होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने पश्चिम एशिया की स्थिति को फिर गंभीर बना दिया है। ताजा घटनाक्रम में अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर हमला किया है।
बंदरगाह शहरों और केशम द्वीप निशाने पर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बंदर अब्बास, सिरिक और जास्क जैसे प्रमुख बंदरगाह शहरों के साथ-साथ केशम द्वीप पर भी जोरदार धमाके सुने गए। इससे पहले एक दिन में अमेरिकी सेना ईरान के करीब 140 ठिकानों पर हमले कर चुकी है।
ईरान का पलटवार, कई देशों पर हमले
अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर और जॉर्डन पर जवाबी हमले किए हैं। इस घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर विवाद
सीएनएन, अल जजीरा और इरना की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुला हुआ है। वहीं ईरान के फारस की खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण का कहना है कि क्षेत्र में स्थिरता और शांति बहाल होने तक आवाजाही की अनुमति नहीं दी जाएगी।
जहाजों पर हमले का आरोप
अमेरिकी सेना के प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जलमार्ग में एक कमर्शियल जहाज पर हमला किया, जिसके बाद यह सैन्य कार्रवाई की गई। अमेरिका का दावा है कि IRGC लगातार होर्मुज क्षेत्र में जहाजों पर गोलीबारी कर रहा है।
अमेरिकी प्रतिक्रिया और सैन्य कार्रवाई
अमेरिकी मध्य कमान के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने बताया कि ईरान की एक क्रूज मिसाइल और एक वन-वे अटैक ड्रोन को मार गिराया गया है। उन्होंने कहा कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है।

ईरान में हताहत
ईरान के खुजेस्तान प्रांत के डिप्टी गवर्नर वलीओल्लाह हयाती के अनुसार, माहशहर में एक खेत स्थित सिंचाई पंप केंद्र पर मिसाइल गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हुए हैं।
कूटनीतिक तनाव चरम पर
सप्ताहांत से शुरू हुए इस ताजा टकराव ने अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक संबंधों को और तनावपूर्ण बना दिया है। क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर इसके गंभीर असर की आशंका जताई जा रही है।






