पटना — पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए सोमवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है। चुनाव आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उम्मीदवार 13 जुलाई तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। इसे लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।
सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक नामांकन
उम्मीदवार पटना कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पटना सदर अनुमंडल कार्यालय (डीसीएलआर कोर्ट रूम, दूसरी मंजिल) में नामांकन दाखिल करेंगे। नामांकन केवल कार्यदिवसों में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक ही स्वीकार किए जाएंगे। 14 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 16 जुलाई तक नाम वापसी की अंतिम तिथि तय की गई है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
नामांकन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण बनाने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास अतिरिक्त पुलिस बल और मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। उम्मीदवारों और अधिकृत व्यक्तियों को केवल गेट नंबर-1 से प्रवेश की अनुमति होगी। कारगिल चौक से कलेक्ट्रेट तक सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी रखेंगी, जबकि गांधी मैदान थाना पुलिस को विशेष सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
सिर्फ पांच लोगों को मिलेगी अनुमति
प्रशासन के निर्देश के अनुसार, किसी भी उम्मीदवार के साथ नामांकन कक्ष में अधिकतम पांच लोग ही जा सकेंगे। उम्मीदवार तीन वाहनों का ही उपयोग कर सकेंगे। कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर निजी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी।
हथियार और बॉडीगार्ड पर प्रतिबंध
नामांकन स्थल पर किसी भी प्रकार का लाइसेंसी हथियार ले जाने की अनुमति नहीं होगी। यदि किसी उम्मीदवार के साथ सुरक्षा कर्मी या बॉडीगार्ड होंगे, तो उन्हें 100 मीटर पहले ही रोक दिया जाएगा।
इलाके में धारा 163 लागू
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे क्षेत्र में बीएनएसएस की धारा 163 लागू कर दी गई है। इसके तहत अनावश्यक भीड़ और शांति भंग करने वाली गतिविधियों पर रोक रहेगी।
आपात स्थिति के लिए तैयारी
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए कारगिल चौक के पास सुबह 8 बजे से एम्बुलेंस, डॉक्टरों की टीम और फायर ब्रिगेड की तैनाती की गई है। पूरी नामांकन प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी, ताकि पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके।
प्रशासन ने सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों से चुनाव आयोग के नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है।
422 मतदान केंद्र, 3।79 लाख मतदाता
इस चुनाव में 3,79,471 मतदाता अपने मत का प्रयोग करेंगे। इसमें 1,99,987 पुरुष, 1,79,461 महिला और 23 ट्रांसजेंडर मतदाता हैं। कुल 422 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं। चुनाव आयोग ने दावा किया है कि पूरी तरह स्वच्छ, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान कराया जाएगा।
प्रशांत किशोर ने किया प्रत्याशी बनने का ऐलान
जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने खुद इस चुनाव में प्रत्याशी बनने का ऐलान किया है। भाजपा और महागठबंधन की ओर से अभी प्रत्याशी का ऐलान नहीं हुआ है।
नितिन नवीन की सीट खाली होने के बाद उपचुनाव
यह सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई है। 1995 से इस सीट पर नितिन नवीन और उनके पिता का कब्जा रहा है। नवीन किशोर 1995 से लगातार विधायक रहे थे। उनकी मृत्यु के बाद 2006 में नितिन नवीन उपचुनाव लड़े और जीत हासिल की उसके बाद से लगातार इस क्षेत्र के विधायक रहे थे। अब उनका सीट खाली होने के बाद उपचुनाव किया जा रहा है।
निर्वाचन आयोग की तैयारियां
निर्वाचन आयोग ने स्वच्छ, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान कराने की तैयारी कर ली है। मतदान कर्मियों का डेटाबेस तैयार किया जा रहा है।






