फास्टैग से होगी वसूली, कार से लेकर भारी मशीनों तक तय हुई प्रति किलोमीटर दर; नॉन-फास्टैग और ओवरलोड वाहनों पर अतिरिक्त शुल्क व जुर्माने का प्रावधान
पटना: बिहार में अब राज्य सरकार की सड़कों, बाइपास और बड़े पुलों पर भी टोल टैक्स वसूला जाएगा। राज्य कैबिनेट ने पथ उपयोगकर्ता शुल्क नियमावली-2026 को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) की तर्ज पर राज्य सरकार की सड़कों पर भी टोल वसूली का रास्ता साफ हो गया है।
नई व्यवस्था के तहत टोल टैक्स की वसूली फास्टैग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से की जाएगी। सरकार ने विभिन्न श्रेणी के वाहनों के लिए प्रति किलोमीटर टोल दर भी निर्धारित कर दी है।
नई दरों के अनुसार निजी कार, जीप और वैन पर 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर, व्यावसायिक हल्के वाहनों पर 2 रुपये प्रति किलोमीटर, जबकि बसों और ट्रकों पर उनकी क्षमता के अनुसार 4 से 4.60 रुपये प्रति किलोमीटर टोल लिया जाएगा। वहीं, भारी निर्माण कार्य में उपयोग होने वाली मशीनरी पर सबसे अधिक 8.10 रुपये प्रति किलोमीटर शुल्क निर्धारित किया गया है।
सरकार ने नॉन-फास्टैग और ओवरलोड वाहनों पर अतिरिक्त शुल्क के साथ भारी जुर्माने का भी प्रावधान किया है। साथ ही, टोल दरों की हर साल समीक्षा की जाएगी और नियमित उपयोगकर्ताओं के लिए छूट एवं रियायती पास की व्यवस्था भी लागू रहेगी।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब बिहार में राज्य सरकार की सड़कों, बाइपास और बड़े पुलों पर टोल व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया तेज होगी। इससे सड़क अवसंरचना के रखरखाव और नई परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने में सरकार को मदद मिलने की उम्मीद है।






