अयोध्या: श्री राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को सभी आठ नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह सभी आरोपी उस एफआईआर में शामिल थे, जो इस मामले में दर्ज की गई थी।
एसआईटी जांच के बाद कार्रवाई
मामले ने तूल पकड़ने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने इसकी जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। एसआईटी ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी, जिसमें कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की गई थी।
किन-किन की हुई गिरफ्तारी
गिरफ्तार आरोपियों में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और करुणेश पांडे शामिल हैं।
किन धाराओं में केस दर्ज
सभी आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता के तहत चोरी, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश रचने सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
कोर्ट में पेशी की तैयारी
पुलिस के अनुसार, कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी आरोपियों को फैज़ाबाद के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश कर न्यायिक रिमांड की मांग की जाएगी।
ट्रस्ट की शिकायत पर दर्ज हुआ केस
यह एफआईआर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कृष्ण मोहन की शिकायत पर राम जन्मभूमि थाना में दर्ज की गई थी।
मुख्यमंत्री का सख्त रुख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि इस मामले में दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा था कि एसआईटी की निष्पक्ष जांच से सच्चाई सामने लाई जाएगी।
राजनीतिक रूप से भी गरमाया मामला
इस मुद्दे को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उठाया था और न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की थी, जिसके बाद यह मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया।
राम मंदिर जैसे आस्था के केंद्र से जुड़े इस मामले में हुई गिरफ्तारी ने साफ कर दिया है कि सरकार इस तरह के मामलों में सख्त रुख अपना रही है। आगे की जांच और कोर्ट की प्रक्रिया पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।






