रांची: बोकारो जिले की लापता 18 वर्षीय युवती से जुड़े बहुचर्चित मामले में झारखंड उच्च न्यायालय ने महत्वपूर्ण सुनवाई करते हुए डीएनए जांच रिपोर्ट का अवलोकन किया। यह रिपोर्ट कोलकाता स्थित केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) द्वारा तैयार की गई है।
डीएनए रिपोर्ट अदालत में पेश
न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की खंडपीठ में सुनवाई हुई। केंद्र सरकार की ओर से सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत डीएनए रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद अदालत ने उसे अनुसंधानकर्ता (आईओ) को सौंप दिया।
यह रिपोर्ट जंगल से बरामद कंकाल और युवती के माता-पिता के डीएनए नमूनों के मिलान पर आधारित है।
एसआईटी रिपोर्ट भी सौंपी गई
अदालत ने विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट भी जांच अधिकारी को उपलब्ध कराते हुए मामले की जांच आगे बढ़ाने का निर्देश दिया। जांच एजेंसियों को रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।
राज्य सरकार से मांगी गई स्टेटस रिपोर्ट
उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई में विभागीय कार्रवाई की प्रगति से अवगत कराने को कहा गया है।
मुख्य आरोपी गिरफ्तार, कई पुलिसकर्मी निलंबित
राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि मामले के मुख्य आरोपी दिनेश महतो को गिरफ्तार कर लिया गया है।
वहीं जांच में लापरवाही सामने आने के बाद बोकारो के पुलिस अधीक्षक ने पिंडराजोड़ा थाना प्रभारी समेत 28 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
क्या है मामला?
लापता युवती 31 जुलाई 2025 से गायब बताई गई थी। इस संबंध में पिंडराजोड़ा थाना में मामला दर्ज है। युवती की मां ने बेटी की बरामदगी और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर हाई कोर्ट में हेबियस कॉर्पस याचिका दायर की थी।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हाई कोर्ट लगातार निगरानी कर रहा है। डीएनए रिपोर्ट और एसआईटी जांच के बाद अब केस में अहम खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।






