–अमेरिकी उपराष्ट्रपति बोले— कूटनीति को मौका देना जरूरी, केवल सैन्य कार्रवाई से नहीं सुलझते सभी संकट
वॉशिंगटन, 19 जून। अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने इजराइल की ओर से अमेरिका-ईरान परमाणु समझौता वार्ता को लेकर जताई जा रही चिंताओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी हर समस्या का समाधान केवल ताकत के इस्तेमाल से नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि कूटनीतिक प्रयासों को पर्याप्त अवसर दिया जाना चाहिए और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए संवाद का रास्ता भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना सुरक्षा उपाय।
समझौते को लेकर इजराइल में है चिंता
एक साक्षात्कार में जेडी वेंस ने कहा कि इजराइल में परमाणु समझौते को लेकर जो घबराहट और विरोध दिखाई दे रहा है, वह काफी हद तक अविश्वास और गलतफहमियों पर आधारित है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका लंबे समय से इजराइल का विश्वसनीय सहयोगी रहा है और यह धारणा कि वाशिंगटन ने कोई ऐसा समझौता किया है जो इजराइल के हितों के खिलाफ है, तथ्यों से मेल नहीं खाती।
आलोचकों से पूछा— विकल्प क्या है?
वेंस ने कहा कि इजराइल की राजनीतिक व्यवस्था और जनता का एक बड़ा वर्ग इस मुद्दे को लेकर बेहद संवेदनशील है।
उन्होंने विशेष रूप से Itamar Ben-Gvir और Bezalel Smotrich का उल्लेख करते हुए कहा कि जो नेता इस समझौते की आलोचना कर रहे हैं, उन्हें यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि उनके पास इसका वैकल्पिक समाधान क्या है।
“हर समस्या का जवाब सैन्य शक्ति नहीं”
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि किसी भी देश के लिए केवल बल प्रयोग के माध्यम से सभी सुरक्षा चुनौतियों का समाधान संभव नहीं है।
उन्होंने कहा, “आप अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी हर समस्या को केवल लोगों को मारकर या ताकत का इस्तेमाल कर हल नहीं कर सकते।”
वेंस के अनुसार, दीर्घकालिक शांति और स्थिरता के लिए राजनीतिक एवं कूटनीतिक समाधान भी आवश्यक हैं।
पूरे क्षेत्र के लिए लाभकारी हो सकता है समझौता
जेडी वेंस ने दावा किया कि यह समझौता केवल इजराइल ही नहीं, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया और वैश्विक समुदाय के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
उनके अनुसार, वार्ता प्रक्रिया ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर दबाव बनाया है और तेहरान को ऐसी रियायतों पर विचार करने के लिए मजबूर किया है, जिन्हें कुछ समय पहले तक संभव नहीं माना जा रहा था।
ईरान के कदमों पर रहेगी नजर
वेंस ने कहा कि अब सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि Iran अपने वादों और प्रतिबद्धताओं का कितना पालन करता है।
उन्होंने कहा कि बातचीत की प्रक्रिया को आगे बढ़ने का अवसर दिया जाना चाहिए और इसके परिणामों का मूल्यांकन तथ्यों के आधार पर किया जाना चाहिए।
अमेरिका ने मांगा कूटनीतिक प्रयासों का श्रेय
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि इस कूटनीतिक पहल के लिए अमेरिका को उचित श्रेय मिलना चाहिए क्योंकि वह लंबे समय से Israel का मजबूत सहयोगी रहा है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि वाशिंगटन का उद्देश्य क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्थायी शांति और स्थिरता को बढ़ावा देना है।
बढ़ते तनाव के बीच आया बयान
जेडी वेंस का यह बयान ऐसे समय में आया है जब इजराइल और ईरान के बीच तनाव लगातार अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बना हुआ है। क्षेत्रीय सुरक्षा, परमाणु कार्यक्रम और कूटनीतिक प्रयासों को लेकर वैश्विक स्तर पर नजर बनी हुई है।
प्रमुख बिंदु
- अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इजराइल को संयम और कूटनीति की सलाह दी।
- कहा कि हर राष्ट्रीय सुरक्षा समस्या का समाधान ताकत का इस्तेमाल नहीं है।
- अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर इजराइल की चिंताओं को गलतफहमियों से जुड़ा बताया।
- आलोचकों से वैकल्पिक समाधान प्रस्तुत करने को कहा।
- समझौते को पश्चिम एशिया और दुनिया के लिए संभावित रूप से लाभकारी बताया।
- ईरान की प्रतिबद्धताओं के पालन पर नजर रखने की बात कही।
- अमेरिका को कूटनीतिक प्रयासों का उचित श्रेय दिए जाने की मांग की।






