–राज्य को मिला केंद्र के सहयोग का भरोसा
रांची, 19 जून। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य तथा ऊर्जा मंत्री Manohar Lal Khattar ने झारखंड के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग और सहायता का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य के ऊर्जा और शहरी विकास क्षेत्रों को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार लगातार सहयोग कर रही है और भविष्य में भी आवश्यक समर्थन उपलब्ध कराया जाएगा।
शुक्रवार को रांची में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में केंद्रीय मंत्री ने राज्य की विद्युत व्यवस्था और शहरी विकास योजनाओं की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया। बैठक में झारखंड सरकार के शहरी विकास एवं आवासन मंत्री Sudivya Kumar Sonu सहित राज्य सरकार, ऊर्जा मंत्रालय, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय तथा विभिन्न केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
ऊर्जा क्षेत्र की चुनौतियों और संभावनाओं पर चर्चा
बैठक की शुरुआत में केंद्रीय मंत्री ने झारखंड के ऊर्जा क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने राज्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक और दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने पर बल दिया।
समीक्षा के दौरान पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस), बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) की परिचालन एवं वित्तीय स्थिति, भविष्य की बिजली मांग तथा पारेषण अवसंरचना के विस्तार से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
एटी एंड सी हानियों पर जताई चिंता
मनोहर लाल ने राज्य में समग्र तकनीकी एवं वाणिज्यिक (AT&C) हानियों तथा आपूर्ति लागत और औसत राजस्व प्राप्ति (ACS-ARR) के बीच अंतर के उच्च स्तर पर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि बिजली क्षेत्र को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाने के लिए इन दोनों मानकों में सुधार आवश्यक है। इसके लिए राज्य सरकार को समयबद्ध और प्रभावी कदम उठाने होंगे।
सरकारी विभागों के बिजली बकाया भुगतान पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार से सरकारी वितरण कंपनियों के ऋण दायित्वों के पुनर्गठन की दिशा में प्रयास तेज करने का आग्रह किया। उन्होंने सरकारी विभागों द्वारा लंबित बिजली बिलों के शीघ्र भुगतान की आवश्यकता पर भी बल दिया।
उन्होंने निर्देश दिया कि सरकारी कार्यालयों और संस्थानों में लगे बिजली मीटरों को 31 अगस्त 2026 तक प्रीपेड मीटरों में परिवर्तित करने की दिशा में कार्य किया जाए, ताकि भुगतान व्यवस्था अधिक पारदर्शी और नियमित हो सके।
अगस्त 2026 तक स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं सहित सभी उच्च भार वाले उपभोक्ताओं के यहां 31 अगस्त 2026 तक स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं के बीच भी स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्ट मीटरिंग से बिजली चोरी में कमी आएगी और राजस्व संग्रहण बेहतर होगा।
जनजातीय क्षेत्रों में विद्युतीकरण को मिलेगी गति
केंद्रीय मंत्री ने राज्य की बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए संसाधनों की उपलब्धता और पारेषण नेटवर्क के विस्तार की भी समीक्षा की।
उन्होंने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DA-JGUA) के तहत जनजातीय परिवारों के लिए ग्रिड विद्युतीकरण की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कार्यों में और तेजी लाने का निर्देश दिया।
सौर ऊर्जा योजनाओं पर विशेष फोकस
बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और प्रधानमंत्री कुसुम योजना के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई।
मनोहर लाल ने राज्य सरकार से इन योजनाओं के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा। उन्होंने सरकारी भवनों की छतों पर प्राथमिकता के आधार पर रूफटॉप सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की सलाह दी।
उनका कहना था कि इससे ग्रिड पर निर्भरता कम होगी, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और सरकारी संस्थानों के बिजली खर्च में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।
राज्य सरकार ने प्रस्तुत की प्रगति रिपोर्ट
बैठक के दौरान झारखंड सरकार की ओर से राज्य में संचालित विभिन्न विद्युत एवं शहरी विकास परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।
राज्य सरकार के प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार द्वारा दिए जा रहे सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया कि स्वीकृत परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन तथा ऊर्जा क्षेत्र के प्रदर्शन में सुधार के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
ऊर्जा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही बैठक
विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्ट मीटरिंग, सौर ऊर्जा विस्तार, वित्तीय सुधार और विद्युत अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण से जुड़े निर्णय झारखंड की ऊर्जा व्यवस्था को अधिक सक्षम, आधुनिक और टिकाऊ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
प्रमुख बिंदु
- केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने झारखंड को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
- ऊर्जा और शहरी विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
- 31 अगस्त 2026 तक सरकारी संस्थानों में प्रीपेड मीटर लगाने का लक्ष्य।
- उच्च भार वाले उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर अनिवार्य किए जाएंगे।
- प्रधानमंत्री सूर्य घर और कुसुम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर।
- जनजातीय क्षेत्रों में ग्रिड विद्युतीकरण की गति बढ़ाने के निर्देश।
- बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति सुधारने पर विशेष फोकस।






