–गया में प्रौद्योगिकी केंद्र का भूमि पूजन, सड़क चौड़ीकरण परियोजना का भी शिलान्यास
पटना/गया, 15 जून। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी ने सोमवार को गया जिले के खिजरसराय में प्रस्तावित प्रौद्योगिकी केंद्र का भूमि पूजन कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। इस अवसर पर गयाजी-इस्लामपुर-खिजरसराय मार्ग से टेक्नोलॉजी सेंटर (देवगांव) तक सड़क चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण परियोजना का भी शिलान्यास किया गया।
खिजरसराय में बनेगा अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की कि खिजरसराय में अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनाया जाएगा, जिसके लिए राज्य सरकार 40 एकड़ भूमि उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी केंद्र, सड़क और स्टेडियम जैसी परियोजनाएं क्षेत्र के विकास को नई गति देंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार का लक्ष्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जिससे बाहर रह रहे बिहारी वापस लौटकर राज्य के विकास में योगदान दें और बिहार को समृद्ध एवं विकसित बनाने में भागीदारी निभाएं।
170 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा प्रौद्योगिकी केंद्र
मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग 170 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले प्रौद्योगिकी केंद्र से स्थानीय युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के औद्योगिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
अपराध और भ्रष्टाचार पर सरकार की सख्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता के मुद्दे पर किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि जो भी अपराधी कानून को चुनौती देगा, उसके खिलाफ 48 घंटे के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि बिहार में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
शिकायतों के निपटारे के लिए नई व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए सहयोग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि किसी आवेदन का 10 दिनों के भीतर निस्तारण नहीं होने पर संबंधित अधिकारी को नोटिस जारी किया जाएगा और 30 दिनों तक कार्रवाई नहीं होने पर निलंबन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा पर विशेष जोर
सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य के 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोले जा रहे हैं और सभी प्रखंडों में मॉडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि आम और विशेष सभी वर्गों के बच्चे एक समान शिक्षा प्राप्त कर सकें।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि सभी सामाजिक पेंशनधारियों को प्रत्येक माह की 10 तारीख तक पेंशन की राशि उनके खातों में भेज दी जाएगी।
फल्गू नदी के पुनर्जीवन का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि फल्गू नदी के पुनर्जीवन के लिए राज्य सरकार गंभीर प्रयास कर रही है। इंद्रपुरी जलाशय, सोन नदी और बाण सागर परियोजना के माध्यम से पानी लाकर फल्गू नदी को पुनर्जीवित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
बिहार में एमएसएमई क्षेत्र का तेजी से विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एमएसएमई क्षेत्र को नई पहचान मिली है। उन्होंने बताया कि बिहार में वर्ष 2022 में एमएसएमई इकाइयों की संख्या लगभग छह लाख थी, जो अब बढ़कर 46 लाख से अधिक हो गई है। इससे करीब 1.87 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार में सड़क, बिजली, हर घर नल का जल और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। साथ ही पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से गरीब परिवारों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने का अभियान भी शुरू किया गया है।






