पटना: बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं के मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए 8 अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की है। विभाग ने विभिन्न मामलों में पेंशन कटौती, आरोप पत्र गठन, कारणपृच्छा और विभागीय जांच जैसी कार्रवाई की है।
विभाग के अनुसार, तत्कालीन अंचल निरीक्षक संतु कुमार राम (रतनीफरीदपुर, जहानाबाद) पर ₹1,000 रिश्वत लेते हुए निगरानी ब्यूरो द्वारा गिरफ्तार किए जाने के मामले में 100 प्रतिशत स्थायी पेंशन कटौती का दंड निर्धारित किया गया है।
वहीं सुरजेश्वर श्रीवास्तव पर बिना अनुमति लंबे समय तक अनुपस्थित रहने के आरोप में आरोप पत्र गठित किया गया है। जयप्रकाश स्वर्णकार(सुपौल-त्रिवेणीगंज, मधेपुरा) से स्थानांतरण के बावजूद दाखिल-खारिज मामलों के निष्पादन को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
अजय कुमार सरकार (नारायणपुर, भागलपुर) पर ₹5 लाख रिश्वत मांगने के आरोप में विभागीय जांच चल रही है। वहीं आमोद कुमार पर दस्तावेजों में अनियमितता और दाखिल-खारिज मामलों में दोबारा स्वीकृति देने से जुड़े मामले में कारणपृच्छा जारी की गई है।
इसके अलावा विजय कुमार गुप्ता पर दाखिल-खारिज मामलों में अनियमित स्वीकृति देने के आरोप में दो वर्षों के लिए 10 प्रतिशत पेंशन कटौती का दंड दिया गया है। सीमा रानी के खिलाफ सरकारी भूमि अभिलेखों में कथित जालसाजी के मामले में विभागीय कार्यवाही जारी है।
नागेंद्र प्रसाद पर भी दाखिल-खारिज मामलों में अनियमित निर्णय लेने के आरोप में आरोप पत्र गठित किया गया है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और प्रशासनिक पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।






