पटना: सम्राट चौधरी ने कहा है कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं के उत्थान के लिये राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मंगलवार को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद सभागार में आयोजित “जनजातीय गरिमा उत्सव 2026” के तहत ‘बिरसा लिब्स इन न्यू भारत’ थीम पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कई बड़ी घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में मैराथन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसमें प्रथम विजेता को 1 लाख रुपये, द्वितीय विजेता को 75 हजार रुपये और तृतीय विजेता को 50 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
उन्होंने घोषणा की कि वाल्मीकिनगर तथा कैमूर में हेलीपोर्ट बनाए जाएंगे, जिससे इको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही आदिवासी क्षेत्रों में पर्यटकों के लिए होम स्टे योजना को प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि लोग जनजातीय संस्कृति को करीब से समझ सकें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत करीब 1 लाख 4 हजार अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्र-छात्राओं को लाभ मिला है, जिनमें 4,155 अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थी शामिल हैं। वहीं प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत इस वर्ष 20 लाख 46 हजार छात्रों को लाभ मिला, जिनमें 1 लाख 41 हजार जनजातीय छात्र-छात्राएं हैं।
कार्यक्रम में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष का भी उल्लेख किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी समाज के उत्थान और देश की आजादी में बिरसा मुंडा का ऐतिहासिक योगदान रहा है।
उन्होंने कहा कि बिहार में वन क्षेत्र को बढ़ाने के लिये पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में लगातार कार्य हुआ है और अब राज्य का वन क्षेत्र 15 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। सरकार का लक्ष्य इसे 17 प्रतिशत तक ले जाने का है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बिहार में एकलव्य विद्यालयों की स्थापना की गई है, जहां बिहार बोर्ड के साथ-साथ CBSE पाठ्यक्रम की पढ़ाई भी कराई जाएगी, ताकि जनजातीय समाज के बच्चे बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम चंपारण में थरूहट विकास योजना के तहत 180 करोड़ रुपये की विकास योजनाएं संचालित की गई हैं। वहीं कैमूर के अधौरा क्षेत्र में डिग्री कॉलेज खोले जाने की भी घोषणा की गई।
कार्यक्रम को विजय कुमार चौधरी, बिजेन्द्र प्रसाद यादव, मिथिलेश तिवारी तथा लखेन्द्र कुमार रौशन ने भी संबोधित किया।
इस दौरान छात्रवृत्ति योजना के लाभुकों ने अपने अनुभव साझा किये। कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी, विद्यार्थी एवं विभागीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे।






