बिहार में नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम, सारण में गौतम अडाणी करेंगे भूमि पूजन

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पटना, 16 मई। Gautam Adani रविवार को बिहार के सारण जिले के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह मस्तिचक गांव में आयोजित भूमि पूजन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस पहल को ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं और नेत्र चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अडाणी फाउंडेशन और अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल की संयुक्त पहल

यह कार्यक्रम Adani Foundation और Akhand Jyoti Eye Hospital के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।

इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण भारत में किफायती और सुलभ नेत्र चिकित्सा सेवाओं का नेटवर्क विकसित करना है, ताकि दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर इलाज मिल सके।

दो बड़े संस्थानों की रखी जाएगी आधारशिला

कार्यक्रम के दौरान “अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल अडाणी सेंटर फॉर आई डिजीज” और “अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल अडाणी ट्रेनिंग सेंटर फॉर ऑपथैल्मिक मेडिसिन” की आधारशिला रखी जाएगी।

इन संस्थानों को ग्रामीण इलाकों में अंधापन और दृष्टि दोष जैसी समस्याओं के समाधान की दिशा में दीर्घकालिक पहल माना जा रहा है।

उपचार के साथ प्रशिक्षण पर भी रहेगा फोकस

इन केंद्रों का उद्देश्य केवल मरीजों का इलाज करना नहीं, बल्कि नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में प्रशिक्षण और मानव संसाधन विकास को भी बढ़ावा देना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बिहार समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी।

कई प्रमुख हस्तियां रहेंगी मौजूद

कार्यक्रम में गौतम अडाणी के साथ Priti Adani और Pranav Adani भी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के संस्थापक एवं सीईओ मृत्युंजय तिवारी, एडवाइजरी बोर्ड के चेयरमैन रविकांत, क्लीनिकल एवं रिसर्च एडवाइजरी बोर्ड के चेयरमैन प्रो. डॉ. राजवर्धन आजाद तथा मेडिकल डायरेक्टर डॉ. अजित कुमार पोद्दार भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।

“सेवा ही साधना है” दर्शन से प्रेरित पहल

आयोजकों के अनुसार यह परियोजना अडाणी समूह के सामाजिक दर्शन “सेवा ही साधना है” से प्रेरित है। समूह शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास के क्षेत्रों में कई जनकल्याणकारी परियोजनाएं चला रहा है।

ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव की उम्मीद

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह परियोजना प्रभावी तरीके से लागू होती है, तो बिहार समेत देश के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में नेत्र चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

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