पटना : बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था में एक बड़ा और अहम बदलाव हुआ है। 2003 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी लोकेश कुमार सिंह को मुख्यमंत्री सचिवालय का सचिव नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इस फैसले को सरकार की प्रशासनिक रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि अब सरकार तेज निर्णय, कड़ी मॉनिटरिंग और जवाबदेही आधारित प्रशासनिक मॉडल पर अधिक जोर देगी।
लोकेश कुमार सिंह को बिहार के अनुभवी और प्रभावशाली अधिकारियों में गिना जाता है। उन्होंने पश्चिम चंपारण, गया, मधुबनी, सिवान, सारण और मुंगेर जैसे जिलों में जिलाधिकारी के रूप में कार्य करते हुए प्रशासनिक सख्ती और जनता से सीधे संवाद की मजबूत पहचान बनाई। उनकी कार्यशैली हमेशा फील्ड आधारित और समस्या समाधान केंद्रित रही है।
कोरोना महामारी के दौरान स्वास्थ्य विभाग में भी उनकी भूमिका काफी अहम रही थी। स्वास्थ्य संसाधनों के प्रबंधन, अस्पताल व्यवस्था और संकट नियंत्रण में उन्होंने सक्रिय नेतृत्व निभाया। इसी कारण उन्हें संकट प्रबंधन और प्रशासनिक नियंत्रण का अनुभवी अधिकारी माना जाता है।
नई जिम्मेदारी के तहत लोकेश कुमार सिंह को मुख्यमंत्री सचिवालय के साथ-साथ पर्यटन विभाग और विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में बिहार सरकार की कई बड़ी योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है।
सरकार के इस फैसले को “रिजल्ट आधारित प्रशासन” और तेज कार्यसंस्कृति की दिशा में एक बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।






