Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आलमगीर आलम और संजीव लाल को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत

Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

Share

रांची: आलमगीर आलम और संजीव लाल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति एन. कोटेश्वर सिंह की पीठ ने दोनों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के बाद उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।

ईडी ने किया जमानत का विरोध

सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से अदालत में कहा गया कि मामला बेहद गंभीर है और यह कथित कमीशनखोरी तथा मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ है। ईडी ने दलील दी कि अब तक चार महत्वपूर्ण गवाहों के बयान पूरे नहीं हुए हैं और जमानत मिलने पर गवाहों को प्रभावित किया जा सकता है।

- Sponsored -
Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

बचाव पक्ष ने उम्र और बीमारी का दिया हवाला

आलमगीर आलम की ओर से अदालत में कहा गया कि उनकी उम्र 77 वर्ष है और वह लंबे समय से जेल में बंद हैं। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि उनके पास से कोई नकदी या आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आलमगीर आलम और संजीव लाल को जमानत देने का आदेश दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने पहले दिया था गवाहों के बयान दर्ज करने का निर्देश

इससे पहले 2 अप्रैल को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को चार महत्वपूर्ण गवाहों — मुन्ना सिंह, संतोष कुमार उर्फ रिंकू, स्वर्णजीत सिंह गिल और बिंदेश्वर राम — के बयान एक महीने के भीतर दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद मामले की अगली सुनवाई 11 मई के लिए तय की गई थी।

- Sponsored -
Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

क्या है पूरा मामला

गौरतलब है कि ईडी ने 6 मई 2024 को जहांगीर आलम, संजीव लाल और अन्य लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान जहांगीर आलम के ठिकाने से 32.20 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए थे।

वहीं संजीव लाल के घर से 10.05 लाख रुपये नकद और एक डायरी बरामद हुई थी, जिसमें कथित कमीशन की रकम और हिस्सेदारी का हिसाब दर्ज था। इसके बाद 7 मई 2024 को संजीव लाल और जहांगीर आलम को गिरफ्तार किया गया था।

- Sponsored -
Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

15 मई 2024 को हुई थी आलमगीर आलम की गिरफ्तारी

ईडी ने पूछताछ के बाद 15 मई 2024 की देर रात आलमगीर आलम को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान एजेंसी ने कई आरोपितों की करोड़ों रुपये की संपत्तियां जब्त की हैं। इसमें संजीव लाल की 4.42 करोड़ रुपये की संपत्ति और तत्कालीन मुख्य अभियंता विरेंद्र राम की 39 करोड़ रुपये की संपत्ति भी शामिल है।

Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930